कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी की वजह से 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित हुए इंडियन प्रीमियर लीग का आयोजन खतरे में आ गया है। बीसीसीआई का मानना है कि अगर अप्रैल के आखिर तक स्थिति सुधर जाएगी और मई में टूर्नामेंट का सफल आयोजन किया जा सकेगा। लेकिन अगर ऐसा नहीं हो पाता है कि इस साल आईपीएल नहीं खेला जाएगा।

आईएएनएस से बातचीत में एक बोर्ड अधिकारी ने कहा, “हम ज्यादा से ज्यादा अप्रैल के आखिर तक इंतजार कर सकते हैं। अगर पहला मैच मई के पहले हफ्ते में नहीं खेला जाता है तो फिर इस साल लीग का आयोजन करना असंभव होगा। अगर हमें निर्देशों के लिए अप्रैल तक का इंतजार भी करना पड़ा तो हम दक्षिण अफ्रीका में हुए टूर्नामेंट से सीख लेकर सफल आयोजन कर सकते हैं।”

याद दिला दें कि साल 2009 में आईपीएल के दूसरे सीजन का आयोजन भारत से बाहर दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। भारत में चल रहे लोकसभा चुनावों की वजह से टूर्नामेंट के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम ना मिल पाने की वजह से ये फैसला लिया गया। अधिकारी ने कहा, “अगर आपको याद हो तो वो आईपीएल का सबसे छोटा टूर्नामेंट का था, जिसमें 59 मैच थे और 37 दिनों तक खेला गया था और हम फिर से ऐसा कर सकते हैं। लेकिन कुछ सावधानियां बरतनी होगी।”

एक ही राज्य में आयोजित किया जा सकता है पूरा टूर्नामेंट

जब अधिकारी से पूछा गया कि क्या अतिरिक्त सावधानियां बरतनी होगी तो उन्होंने कहा, “इस तरह की स्थिति में आप यात्रा नहीं कर सकते हैं। अगर हमें अनुमति मिलेगी तो हम महाराष्ट्र जैसी किसी जगह पर ही रहेंगे जहां मुंबई में तीन स्टेडियम है और एक पुणे में है।”

उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि इससे ये निश्चित हो पाएगा कि टीमों को ना केवल खेलने के लिए ताजा विकेट मिले, साथ ही कम से कम यात्रा करनी होगी। लेकिन उससे पहले सरकार को उसे टूर्नामेंट के आयोजन के लिए फिट घोषित करना होगा और जैसा कि बीसीसीआई अध्यक्ष बार बार कहते रहे हैं खिलाड़ियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”