India vs England: England bowling coach defends decision not to impose follow-on; justifies batsmen’s attitude at Chennai
जो रूट, बेन स्टोक्स © Getty Images

कप्तान जो रूट के रिकॉर्ड दोहरे शतक की मदद से चेन्नई टेस्ट की पहली पारी में 578 रन रन का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद जब इंग्लैंड टीम ने टीम इंडिया 337 पर आउट किया तो फैंस को उम्मीद थी कि मेहमान टीम भारत तो फॉलो ऑन पारी खेलने का न्यौता देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इंग्लैंड टीम चेन्नई में दूसरी बार बल्लेबाजी करने उतरी और 178 रन पर ऑलआउट हो गई।

इंग्लैंड टीम के इस फैसले की काफी आलोचना हुई लेकिन चूंकि दूसरी पारी के दौरान इंग्लिश बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की बजाय, जिससे कि उनके गेंदबाजों को 10 विकेट लेने का ज्यादा से ज्यादा समय मिले, धीमी रन रन से बल्लेबाजी कर रहे थे। इंग्लैंड की ये बल्लेबाजी शैली फैंस के समझ से परे रही लेकिन टीम के गेंदबाजी कोच जॉन लुईस ने अपने खिलाड़ियों का बचाव किया।

लुईस ने कहा कि चेपॉक की पेचीदा पिच पर तेजी से रन बनाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बल्लेबाजों ने सकारात्मक खेल दिखाया। मुझे नहीं लगता कि इस पिच पर स्ट्रोक्स खेलना आसान है। हमें सोमवार को जितने ओवर डालने पड़े, उससे हम संतुष्ट थे। हम मंगलवार को दूसरी नई गेंद से दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। हम खेल में अपनी स्थिति से खुश हैं।’’

400 टेस्ट विकेट लेकर भविष्य के तेज गेंदबाजों के लिए ‘रोडमैप’ बनाएं इशांत: अश्विन

दूसरी पारी में 178 रन बनाकर इंग्लैंड ने भारत के सामने 420 रनों का लक्ष्य रखा। ये पूछने पर कि क्या वो इस लक्ष्य से संतुष्ट हैं, उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाज तेजी से रन बनाना चाहते थे लेकिन इस पिच पर संभव नहीं था। हम अपनी स्थिति से खुश है और मैच में हमारा पलड़ा भारी है।हमने अच्छी क्रिकेट खेली है और उम्मीद है कि कल जीत के मौके बनेंगे।’’

लुईस को उम्मीद है कि इंग्लैंड टीम चेन्नई टेस्ट को जीत सकती है। उन्होंने कहा,‘‘हम काफी मजबूत स्थिति में हैं। हमें मेहनत जारी रखनी होगी और बेसिक्स पर बने रहना होगा। भारत के पास भले ही कितने दमदार बल्लेबाज हों लेकिन हम भी मैच जीतने का माद्दा रखते हैं।’’