दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में मिली हार के साथ भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने दक्षिण अफ्रीकी जमीन पर पहली टेस्ट सीरीज जीतने का मौका गंवा दिया। कोहली ने स्वीकार किया कि ये एक “निराशाजनक” हार थी, वहीं भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने कहा कि ये सीरीज कोहली एंड कंपनी के लिए “एक बुरे सपने में बदल गई है”।

गावस्कर ने का, “लंच के बाद भारत के खेल ने मुझे हैरान कर दिया है। फैंस ने सोचा होगा कि वो एक आखिरी प्रयास करेंगे, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी को गेंदबाजी के लिए लाएंगे। क्योंकि एक ब्रेक के बाद बल्लेबाजों को अपना खेल फिर से रीसेट करना होता है। दक्षिण अफ्रीका में पहली बार सीरीज जीतने का भारत का सपना एक बुरे सपने में बदल गया है।”

उन्होंने कहा, “कोई क्या कह सकता है? ये दोनों जीत दक्षिण अफ्रीका के लिए व्यापक हैं, फिर से सात विकेट से जीत। भारत (जीत के) करीब भी नहीं आया है। भारत को पहले टेस्ट में बड़ी जीत मिली थी और मैंने वास्तव में सोचा था कि ये अगले दो टेस्ट मैचों के लिए भी एक खाका बनने जा रहा है। ऐसा नहीं हुआ।”

गावस्कर ने आगे कहा कि बल्ले से भारत का प्रदर्शन निराशाजनक था और मेहमान टीम के पास दक्षिण अफ्रीकी टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज ना जीत पान का सिलसिला खत्म करने का शानदार मौका था।

उन्होंने कहा, “ये कुछ ऐसा है जो दक्षिण अफ्रीका के लिए बहुत अच्छा है। लेकिन जहां तक भारत का संबंध है, इसे समझना मुश्किल है। जिस तरह से उन्होंने उस पहले टेस्ट में अपना दबदबा बनाया, मुझे सच में लगा कि वो सीरीज जीतने में सक्षम होंगे। मैं 3-0 से सीरीज जीतने के बारे में सोच रहा था, दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी की कमजोरी के कारण, ये बात कि नॉर्खिया नहीं खेल रहे थे.. ये भारत के लिए एक बार फिर बहुत बड़ा प्लस था।”

पूर्व कप्तान ने कहा, “आपके पास दो अनुभवहीन गेंदबाज हैं, उनके पास ओलिवियर था जो वापसी कर रहा था। रबाडा वास्तव में एकमात्र खतरा था और मुझे लगा कि भारतीय बल्लेबाजी अच्छी होगी। हां, पिच परीक्षण कर रही थी लेकिन मुझे लगा कि भारतीय बल्लेबाजों को ज्यादा परेशानियां नहीं होंगे। दक्षिण अफ्रीका ने जोहान्सबर्ग में जो प्रदर्शन किया वो तारीफ के काबिल है। ये टीम के चरित्र को बताता है।”