इंडियन प्रीमियर लीग © Getty Images
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नई दिल्ली। आईपीएल के ठीक पहले मुंबई में होने वाले पहले मैच के लिए गहरा रहे संकट के बादल अब बीसीसीआई के लिए कुछ दिनों के लिए छंट गए हैं और बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई में होने वाले पहले आईपीएल मैच के आयोजन की उन्हें अनुमति दे दी है। गौरतलब है कि पिछले लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे महाराष्ट्र राज्य में आईपीएल टूर्नामेंट में पानी की बर्बादी को लेकर एक एनजीओ ने जनहित याचिका दर्ज की थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बीसीसीआई और महाराष्ट्र सरकार को जमकर फटकार लगाई थी, लेकिन वक्त की नजाकत को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें 9 अप्रैल को मैच कराने की इजाजत दे दी है। ये भी पढ़ें: IPL 9: जानिए क्या खास है धोनी की नई टीम राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स में

इस दौरान कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को स्टेडियम को दिए जाने वाले पानी के स्त्रोतों की जानकारी 12 अप्रैल तक जवाब सहित देने को भी कहा है। आईपीएल के पहले मैच में मुंबई इंडियंस, सुपरजाइंट्स के खिलाफ 9 अप्रैल को खेलेगी। इस टूर्नामेंट के 19 मैच महाराष्ट्र में खेलने के लिए निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में इन मैचों की मेजबानी खटाई में पड़ती नजर आ रही है। ऐसे में हो सकता है कि 12 तारीख को होने वाली सुनवाई तक इन मैचों को दूसरे राज्यों में आयोजित करने की योजना बनाई जाए।

इसके पहले बुधवार को हाईकोर्ट ने बीसीसीाई और महाराष्ट्र के अन्य क्रिकेट असोसिएशन्स को पानी की बर्बादी के लिए जमकर लताड़ा था और कहा था कि आदर्श रूप से मैच वहां स्थानांतरित किए जाने चाहिए जहां पानी की किल्लत ना हो। कोर्ट ने कहा, “जब सिर्फ बीसीसीआई की पानी सप्लाई बंद कर दी जाए तभी आप समझेंगे।” आप(क्रिकेट असोसिएशन्स और बीसीसीआई) कैसे इस तरह पानी की बर्दादी कर सकते हैं? यह बर्बादी अपराध है। आप जानते हैं कि महाराष्ट्र में क्या स्थिति है।” इस दौरान कोर्ट ने कहा कि क्या बीसीसीआई और अन्य क्रिकेट बॉडियों के आधार पर क्रिकेट मैच ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। कोर्ट ने कहा कि अंततः यह राज्य की जिम्मेदारी और कर्तव्य है कि वह पानी की बर्बादी को लेकर कुछ करे और सख्ती बरते। इस जनहित याचिका में आईपीएल मैचों के दौरान तीन पिचों पर इस्तेमाल किए जाने वाले लगभग 60 लाख लिटर पानी को लेकर अपनी चुनौती पेश की गई है।

जब कोर्ट ने मुंबई क्रिकेट असोसिएशन्स से पूछा कि वानखेड़े स्टेडियम में कितने पानी का इस्तेमाल किया जाएगा तो इस पर एमसीए के एडवोकेट ने कहा कि यहां पर होने वाले 7 आईपीएल मैचों के लिए 40 लाख लिटर पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा यह तो बहुत ज्यादा है। अब कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को 12 अप्रैल को पूरी जांच के साथ आने को कहा। ऐसे में ये मुमकिन हैं कि अगले सभी मैच जो महाराष्ट्र में करवाए जाने हैं यहां से स्थानांतरित करवा दिए जाएं।
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