इंडियन प्रमियर लीग के 2020 सीजन की नीलामी में उतरे 338 खिलाड़ियों में से मात्र 62 को ही टूर्नामेंट का हिस्सा लेने का मौका मिला। कई ऐसे बड़े विदेशी खिलाड़ी थे जिन्हें दो-तीन बार नाम लिए जाने के बाद में भी किसी टीम ने नहीं खरीदा। इन्हीं में से एक हैं बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम। हालांकि उन्हें नीलामी में ना चुने जाने से कोई निराशा नहीं है।

इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, “आईपीएल नीलामी में चुने जाने जैसी चीजें होती रहती है और इससे मुझे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। मुझे थोड़ी उम्मीद थी लेकिन वैसा हुआ नहीं। जिंदगी चलती रहती है। मैं इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। अब हम बांग्लादेश प्रीमियर लीग में खेल रहे हैं और मैं उसी पर ध्यान देना चाहता हूं।”

बता दें कि रहीम ने पहले अपना नाम नीलामी से वापस ले लिया था लेकिन आखिरी समय पर फिर से इसका हिस्सा बनने का फैसला किया। इस पर उन्हबोंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मैं अपना नाम नहीं भेजना चाहता था क्योंकि मुझे लगा कि मुझे कोई नहीं चुनेगा। इसलिए अपना नाम देने का कोई मतलब नहीं।”

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उन्होंने कहा, “लेकिन जब आईपीएल अधिकारियों ने निवेदन भेजा तो मुझे लगता कि शायद इस बार कोई मौका हो। ऐसा नहीं हुआ लेकिन वो मेरे नियंत्रण में नहीं है। मुझे ज्यादा नहीं पता। मुझे मीडिया से पता चला कि कौन सी फ्रेंचाइजी दिलचस्पी दिखा रही हैं। इसके अलावा मैं कुछ भी नहीं जानता।”