ipl 2021 made small changes in batting technique and minimized mistakes says prithvi shaw
पृथ्वी शॉ @DelhiCapitalsTwitter

पृथ्वी शॉ बीते साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट टीम का हिस्सा था. लेकिन यहां वह पहले टेस्ट मैच की दोनों पारियों में फ्लॉप हुए तो उन्हें प्लेइंग XI से बाहर कर दिया गया. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम में जगह ही नहीं मिली. लेकिन इस दौरान शॉ ने अपनी वापसी के लिए कमर कस ली थी और उन्होंने यह तय कर लिया था कि उनकी बल्लेबाजी में जो भी कमजोरियां हैं वह उन्हें दूर करेंगे. शॉ ने अपनी तकनीक में थोड़ा बदलाव किया और उन्होंने प्रवीण आमरे के साथ मिलकर उन चीजों पर काम किया, जहां वह गलती कर रहे थे.

शॉ के इस सुधार के नतीज विजय हजारे ट्रॉफी में ही दिखने लगे. इसके बाद आईपीएल में खेले गए अपने पहले मैच में भी उन्होंने कमाल की बल्लेबाजी कर यह बता दिया है कि वह टीम इंडिया में वापसी के लिए तैयार हैं. दिल्ली कैपिटल्स के इस 21 साल के बल्लेबाज ने शनिवार को यहां चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ 38 गेंद में 72 रन की शानदार पारी खेली, जिससे उनकी टीम ने 189 रन के लक्ष्य को 3 विकेट के नुकसान पर आसानी से हासिल कर लिया.

रविवार को जारी विज्ञप्ति में इस युवा बल्लेबाज ने कहा, ‘मैंने आईपीएल से पहले अपनी बल्लेबाजी में मामूली बदलाव किए. मैं बस उन सभी गलतियों को कम करना चाहता था जो कर रहा था. मैंने इसके लिए कड़ी मेहनत की है.’

शॉ जिन बदलावों की बात कर रहे हैं वह शॉट खेलते समय उनके बल्ले की स्थिति के बारे में है. पहले उनका बल्ला एक कोण बनाते हुए बाहर की ओर से आता था, जिससे अंदर आने वाली गेंदों (इनस्विंग) पर उन्हें परेशानी होती थी. पूर्व भारतीय बल्लेबाज प्रवीण आमरे की देख-रेख में काम करने के बाद उनका बल्ला अब सीधा चलता है, जिससे बल्ले और पैर के बीच की दूरी कम हो गई है.

पिछले साल खराब फॉर्म के कारण शॉ को दिल्ली कैपिटल्स की अंतिम 11 से बाहर होना पड़ा था. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडीलेड टेस्ट में 0 और 4 रन की पारी खेलने के बाद वह भारतीय टेस्ट टीम से भी बाहर हो गए थे. शॉ ने अपनी तकनीक में सुधार करने के बाद विजय हाजारे नेशनल वनडे ट्रॉफी में 8 मैचों में 827 रन बनाए.

उन्होंने कहा, ‘मैंने विजय हजारे ट्रॉफी से पहले स्ट्रेंथ और अनुकूलन कोच रजनीकांत सिवागनानम सर और प्रवीण आमरे सर की देखरेख में दो सप्ताह तक अभ्यास किया. मैंने इसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी में कुछ बदलावों के साथ अपना नैसर्गिक खेल खेला.’ शॉ ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 14वें ओवर में ड्वेन ब्रावो की गेंद पर अपना विकेट गंवाने पहले शिखर धवन (85) के साथ पहले विकेट के लिए 138 रन की शानदार साझेदारी की थी.

उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से हमने बल्लेबाजी की उससे मैं काफी खुश हूं. हमारे लिए सलामी जोड़ी का अच्छा करना काफी जरूरी था. अच्छी शुरुआत के बिना लगभग 190 रन के लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं था. मुझे हालांकि आखिर तक क्रीज पर रहना चाहिए था.’

कोच रिकी पॉन्टिंग के बारे में उन्होंने कहा, ‘रिकी से मैं बल्लेबाज के तौर पर रणनीति और योजना के बारे में बात करता हूं. उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का काफी अनुभव है. उन्होंने चोटिल श्रेयस अय्यर की जगह टीम का नेतृत्व करने वाले ऋषभ पंत की तारीफ की. शॉ ने कहा, ‘हमें श्रेयस अय्यर की कमी खल रही है, वह अच्छी तरह टीम का नेतृत्व करते थे.’

उन्होंने कहा, ‘ऋषभ पंत हालांकि बहुत चतुर हैं. वह निडर होकर अपने खेल का लुत्फ उठाते हैं. वह कप्तान के तौर पर धैर्य बनाए रखने के साथ शांत रहते हैं. वह टीम के लिए शानदार काम कर रहे हैं.’ दिल्ली का अगला मुकाबला राजस्थान रॉयल्स से 15 अप्रैल को होगा.