मांकड़ का विषय क्रिकेट जगत में हमेशा से ही विवादास्पद रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग 2019 सीजन के दौरान ये नियम एक बार फिर चर्चा में आया था जब किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP) के तत्कालीन कप्तान रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के विकेटकीपर बल्लेबाज जॉस बटलर (Jos Buttler) को मांकड़ आउट किया था।

इयोन मोर्गन, केविन पीटरसन, जेसन रॉय और डेल स्टेन जैसे कई दिग्गजों ने इसके लिए अश्विन की आलोचना की थी लेकिन भारतीय स्पिनर ने साफ कहा था कि उन्होंने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो नियमों के खिलाफ हो।

अब भारत में चल रहे आईपीएल के 14वें सीजन के दौरान मांकड़ नियम एक बार सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है। दरअसल 19 अप्रैल, सोमवार को चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए 12वें लीग मैच के दौरान मुस्ताफिजुर रहमान के ओवर में ड्वेन ब्रावो क्रीज से काफी आगे खड़े हुए थे। हालांकि गेंदबाज ने उन्हें आउट नहीं किया।

मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे हर्षा भोगने कहा, “आप वहां नहीं जा सकते। ड्वेन ब्रावो ने कम से कम एक यार्ड की बढ़त ली हुई है।”

भोगले ने कहा कि अब समय आ गया है कि मांकड़ को अभ्यास में लाया जाय क्योंकि कई बल्लेबाज इस तरह से फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, “इसी वजह से मेरा कहना है कि आपको उन्हें रन आउट करने का पूरा अधिकार है और ये टीम मीटिंग में भी इसे लेकर चर्चा की जानी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “ये कहना के ये (मांकड़) खेल भावना के खिलाफ है बकवास है। उन्होंने एक यार्ड की बढ़त ले ली है। मुझे कभी समझ नहीं आया कि कम दौड़कर रन पूरा करना खेल भावना में कैसे आता है। ये तो खेल भावना के विपरीत है।”

गौरतलब है कि इस गेंद के दौरान मुस्ताफिजुर का अगला पैर क्रीज से आगे चला गया था। जिसके बाद अंपायर ने इसे नो बॉल करार दिया था। पूर्व कीवी तेज गेंदबाज साइमन डल का कहना है कि अगर लाइन पार करने के लिए गेंदबाज को सजा मिलती है तो फिर बल्लेबाज को क्यों नहीं।

उन्होंने कहा, “इस तस्वीर ने दिखा दिया कि ब्रावो क्रीज से कितना ज्यादा बाहर था…..ये इस बात का अच्छा उदाहरण है कि क्यों से रन आउट किया जाना चाहिए था। गेंदबाज (लाइन से) थोड़ा ही बाहर है फिर भी उसे सजा मिलती है।”