इंडियन क्रिकेट लीग (IPL) में हमेशा से ही प्रतिभावान क्रिकेटरों को खास पहचान मिलती रही है. इस बार सौराष्ट्र के लेफ्टआर्म तेज गेंदबाज चेतन सकारिया (Chetan Sakariya) को आईपीएल की नीलामी (IPL Auction 2021) से अपनी किस्मत बदलने का मौका मिला है. गुरुवार को हुई नीलामी में इस लेफ्टआर्म तेज गेंदबाज को अब अपनी गरीबी को गुडबाय कहना का मौका मिला है. इस नीलामी के बाद सकारिया अब करोड़पति खिलाड़ी बन गए हैं.

इस उभरते हुए तेज गेंदबाज का आईपीएल में पहुंचने तक का सफर इतना आसान नहीं था. सकारिया और उनके परिवार के लिए आर्थिक तंगी शुरू से ही एक चुनौती बनी रही. सकारिया के पिता वरतेज (गुजरात) में एक टेंपो चालक थे. लेकिन दो साल पहले उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी थी. पांच साल पहले तक उनके घर में टीवी तक नहीं था. सकारिया मैच देखने के लिए अपने दोस्त के घर जाते थे.

गुरुवार को जब उनका नाम नीलामी में आया तो राजस्थान रॉयल्स ( RR) ने इस युवा खिलाड़ी पर 1.2 करोड़ की बोली लगाई. इस नीलामी के बाद से ही यह युवा खिलाड़ी फोन पर बधाइयों रिसीव करते हुए व्यस्त है इसके अलावा उनके घर पर भी उन्हें बधाई देने के लिए गेस्ट की लाइन लगी हुई है. यह दिन उनके और उनके परिवार के लिए भले ही यादगार हो. लेकिन इन खुशियों के साथ सकारिया परिवार हाल ही में हुई अपने छोटे बेटे की मौत से दुखी भी है.

सकारिया के छोटे भाई राहुल ने बीती जनवरी को आत्महत्या कर ली थी. जब राहुल ने आत्महत्या की तब चेतन सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेल रहे थे और उन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं थी. सकारिया को उनके घर वालों ने भी वापस आने के कई दिन बाद तक राहुल के सुसाइड की जानकारी नहीं दी. सकारिया ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, ‘जनवरी में मेरे भाई ने आत्म हत्या कर ली थी. मैं तब घर पर नहीं था. मैं सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेल रहा था. मैं घर लौटने तक यह जानता भी नहीं था कि वह गुजर चुका है. मेरे लिए यह बहुत ही ज्यादा दुख की बात है. अगर वह आज होता तो मुझसे ज्यादा खुशी उसे होती.’

सकारिया पिछले सीजन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के साथ बतौर नेट गेंदबाज UAE गए थे. यहां उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से बैंगलोर के कोचिंग स्टाफ साइमन कैटिच और माइक हेसन को काफी प्रभावित किया था. सकारिया का कहना है कि अब जब उन्हें यह पैसा मिलेगा, तो सबसे पहले वह एक अच्छी कॉलोनी में अपना घर खरीदेंगे.

सकारिया कहते हैं, ‘मैं कभी नहीं चाहता था कि मेरे पिता काम करें. मैंने उन्हें कहा था मैं अपने परिवार का ख्याल रख लूंगा. लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि मैं इतने पैसे का क्या करूंगा, मैं कहता हूं कि पहले पैसा आने दो. मैं हमेशा ही राजकोट में रहना चाहता था. लेकिन एक अच्छा घर खरीदने के लिए मेरे पास पर्याप्त पैसे नहीं थे. अब सबसे पहले मैं एक अच्छी लॉकेलिटी में एक अच्छा घर खरीदूंगा.’