Kuldeep Yadav: Don’t bowl much in nets during IPL to not give away too many clues
Kuldeep Yadav (IANS)

साल 2017 में अंतरार्ष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले युवा स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव अभी तक बल्लेबाजों के लिए पहेली बने हुए है। दो साल के करियर में कुलदीप ने वनडे, टी20 और फिर टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ी। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट और फिर इंडियन प्रीमियर लीग में कुलदीप के खिलाफ खेलने के बावजूद विदेशी बल्लेबाज इस रिस्ट स्पिनर को पढ़ने में असमर्थ हैं।

वहीं आईपीएल में उनके साथ खेलने वाले खिलाड़ी भी कुलदीप की गेंद को समझने में बेहतर नहीं है। दरअसल इसका कारण ये है कि कुलदीप आईपीएल के दौरान नेट में ज्यादा गेंदबाजी नहीं करते हैं। ईएसपीएन क्रिकइंफो को दिए बयान में कुलदीप ने कहा, “मैं नेट में ज्यादा गेंदबाजी नहीं करता हूं (आईपीएल के दौरान), ताकि मैं ज्यादा सुराग ना दूं। भारतीय टीम के नेट में मैं गेंदबाजी करता हूं लेकिन उसके अलावा मैं अपने ड्रिल्स और सिंगल विकेट के साथ गेंदबाजी ही करता हूं। मैं मुश्किल से पांच ओवर भी नहीं करता और फिर नेट में केवल स्टंप पर गेंदबाजी करता हूं। एक बार मैं सहज हो जाता हूं, मैं अपनी ड्रिल करता हूं।”

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अपनी गेंदबाजी ड्रिल और तैयारी के बारे कुलदीप यादव में कहा, “मैं मैदान पर काफी सोचता हूं, जब मैं खेल नहीं रहा होता हूं तब भी। जाहिर है कि मैं बल्लेबाज की ताकत और कमजोरी को पकड़ने के लिए वीडियोज देखता हूं लेकिन मैं ये नहीं सोचता कि ‘अगर मैं वहां गेंद करूंगा तो शॉट पड़ेगा’।”

कुलदीप ने बताया कि वो अपनी गेंदबाजी के वीडियोज ज्यादा नहीं देखते हैं। उन्होंने कहा, “मैं वीडियो एनालिसिस में ज्यादा विश्वास नहीं करता हूं क्योंकि मेरी काबिलियत अलग है। अगर मैं गेंदबाजी करता हूं, तो देखता हूं कि क्या मैंने अच्छा प्रदर्शन किया है। मुझे नहीं लगता कि मुझे इस स्तर पर इसके बारे में बहुत अधिक सोचना चाहिए। मैं सोचता हूं कि मुझे कैसे बेहतर होना चाहिए, विकेट कैसे लेने चाहिए। हां, मैं वीडियो नहीं देखता, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि मैं अपनी गेंदबाजी के बारे में ज्यादा नहीं सोचता।”

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भारतीय टीम के लिए खेलते हुए कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की स्पिन जोड़ी ने विपक्षी टीम को काफी परेशान किया है। दोनो गेंदबाज साझेदारी में गेंदबाजी करते हैं और बीच के ओवर में विकेट निकालते हैं। चहल के साथ अपनी साझेदारी पर कुलदीप ने कहा, “जब आप तक लंबे समय तक साथ खेलते हैं तो आप अपने पार्टनर से सीखते हैं। इसलिए मैंने भी उससे काफी कुछ सीखा है। जब भी हम साथ खेलते हैं, हम साथ में बेहतर होने की कोशिश करते हैं।”

बड़े शॉट से डरकर अच्छे स्पिनर नहीं बन सकते

कुलदीप ने आगे कहा, “मेरे करियर की शुरुआत से ही मेरे कोच (कपिल पांडे) ने मुझे बीच के विकेट पर गेंदबाजी करने और बल्लेबाज को छक्के मारने की चुनौती देने के लिए कहा। इसलिए शुरुआत से ही वो डर मेरे अंदर से निकल गया। अगर आप इस डर को पीछे छोड़कर केवल विकेट लेने की नहीं सोचते हैं तो आप अच्छे स्पिनर नहीं बन सकते हैं। मैं और चहल यही करते हैं। वनडे में बीच के ओवर अहम होते हैं, अगर आप अटैक नहीं करते तो विपक्षी टीम 320 का स्कोर बना लेंगी। इसलिए ध्यान बीच के ओवरों में विकेट लेने पर रहता है।”

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज के लिए ब्रेक पर गए कुलदीप वनडे सीरीज के जरिए वापसी कर सकते हैं। वनडे स्क्वाड में शामिल कुलदीप कल हैदराबाद में होने वाले पहले वनडे मैच की प्लेइंग इलेवन में जगह बना सकते हैं।