गौतम गंभीर ने वापसी करते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपना 22वां अर्धशतक पूरा किया © Getty Images (file photo)
गौतम गंभीर ने वापसी करते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपना 22वां अर्धशतक पूरा किया © Getty Images (file photo)

न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के चौथे दिन भारत ने दूसरी पारी में भी अच्छी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए लंच तक 2 विकेट पर 127 रन बना लिये हैं। भारतीय टीम न्यूजीलैंड पर कुल 385 रनों की बढ़त बना चुकी है। मैच के चौथे दिन गौतम गंभीर ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दर्शकों का मनोरंजन किया। कल कंधे की चोट की वजह से रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ने को विवश हुए गंभीर ने पुजारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 76 रन जोड़े। लंच के समय जब खेल रूका तो पुजारा 50 रन और विराट कोहली 2 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे।

इससे पहले आज सुबह तीसरे टेस्ट के चौथे दिन का खेल शुरू किया तो भारत ने कल के स्कोर बिना विकेट खोए 18 रन से आगे खेलना शुरू किया। कल के दोनों नाबाद बल्लेबाज विजय और पुजारा ने संभल कर खेलना शुरू किया, लेकिन भारतीय टीम कल के स्कोर में अभी 16 रन ही जोड़ सकी थी कि विजय रन आउट हो गए। विजय ने आउट होने से पहले 19 रनों का योगदान दिया। विजय के आउट होने के बाद कल रिटायर्ड हर्ट होने वाले बल्लेबाज गंभीर मैदान पर उतरे। गंभीर ने आते मैदान के चारों ओर स्ट्रोक्स खेलना शुरू कर दिया और तेजी से स्कोर को आगे बढ़ाना शुरू किया। [Also Read: भारत बनाम न्यूजीलैंड, तीसरा टेस्ट, फुल स्कोरकार्ड हिंदी में]

ड्रिंक्स से ठीक पहले भारतीय टीम ने दूसरी पारी में अपने पचास रन पूरे किये। ड्रिंक्स के बाद भी गंभीर ने अपना आक्रामक खेल जारी रखा तो दूसरे छोर पर पुजारा अपना स्वाभाविक खेल खेलते रहे। बीच-बीच में पुजारा ने भी कुछ बेहतरीन शाट लगाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। दोनों ने 27वें ओवर में भारत का स्कोर 100 पहुंचाया। भारत के सौ रन पूरा होने के कुछ देर बाद गंभीर ने अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन अर्धशतक पूरा करने के बाद वो अपने स्कोर को आगे नहीं ले जा सके और 50 के निजी स्कोर पर जीतन पटेल की गेंद पर मार्टिन गप्टिल को कैच थमा बैठे। गंभीर ने इस पारी में 56 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौकों की मदद से 50 रन बनाए। लंच के ठीक पहले पुजारा ने भी अपना अर्धशतक पूरा किया। सीरीज में पुजारा का यह चौथा अर्धशतक है। इसके बाद पुजारा ने कोहली के साथ मिलकर लंच तक भारत को कोई और झटका नहीं लगने दिया।