हाल ही में कन्कशनर (सिर की चोट) के विशेषज्ञ माइकल टर्नर ने क्रिकेट अधिकारियों से यह अपील की थी कि वे 18 साल से कम उम्र के खिलाफ बाउंसर गेंद को बैन कर दें. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने इसे ‘मजाक’ करार देते हुए इस सलाह की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि अगर पुरुष क्रिकेटरों को सीधे सीनियर स्तर पर बाउंसर या शॉर्ट पिच बॉलों का सामना करना पड़ेगा तो यह और खतरनाक होगा.

अंडर- 18 खिलाड़ियों के लिए बाउंसर पर बैन की सलाह देने वाले टर्नर ‘इंटरनेशनल कन्कशन एंड हेड इंजरी रिसर्च फाउंडेशन’ के मीडिया निदेशक हैं. लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन को उनकी यह सलाह बिल्कुल पसंद नहीं आई है. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ से कहा, ‘यह हास्यास्पद सुझाव है. अगर युवाओं को सीनियर स्तर पर खेलते हुए ही शॉर्ट बॉल का सामना करना पड़ेगा तो यह और जोखिम भरा होगा.’

उन्होंने कहा कि अगर जूनियर स्तर पर बाउंसर पर बैन लगाना है तो सीनियर स्तर पर भी लगाना होगा. उन्होंने कहा, ‘मैं जूनियर लेवल पर बच्चों को खेलते देखता हूं. मेरा बेटा भी खेलता है. उन्हें बहुत कम शॉर्ट पिच गेंद कराई जाती हैं. गेंदबाजों में इतनी शारीरिक क्षमता नहीं होती कि बच्चों को बाउंसर डाल सकें और पिचें भी धीमी होती है.’

उन्होंने कहा, ‘नेट्स पर ही युवा बल्लेबाजों को शॉर्ट गेंदों का सामना करना सिखाया जाता है. उस पर बैन लगाना है तो सीनियर स्तर पर भी लगाना होगा.’ नवंबर 2014 में एक घरेलू मैच में सीन एबोट के बाउंसर पर ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज फिल ह्यूज की मौत के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर बहस शुरू हो गई थी.

इनपुट: भाषा