अपने वनडे करियर के दौरान भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को छह बार आउट करने वाले पाक गेंदबाज अब्दुल रज्जाक (Abdul Razzaq) ने बताया कि आखिर क्यों वो अपने समय के इस सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज को परेशान करने में सक्षम क्यों थे।

रज्जाक ने जियो न्यूज पर तेंदुलकर के खिलाफ अपनी सफलता के बारे में पूछे जाने पर कहा, “स्वाभाविक रूप से, जब आपके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस तरह की डिलीवरी होती है जिसे खेला नहीं जा सकता है, तो आपको सफलता मिलती है। वर्ना, साधारण गेंदबाजों के पास ना स्विंग होती है, वो यॉर्कर भी नहीं डाल पाते और उनको लेकर किसी तरह की चर्चा नहीं होती।”

उन्होंने कहा, “शुरुआत में, मैं इन-स्विंग और रिवर्स स्विंग गेंद को अच्छी तरह से गेंदबाजी करता था। आप इसे कमजोरी नहीं कह सकते। आप इसे एक अच्छी गेंद कह सकते हैं। ये संभव है कि वो (तेंदुलकर) कुछ और कर रहा हो। उनके दिमाग में शायद वो आउटस्विंगरों की उम्मीद कर रहे थे।”

रज्जाक ने अपने करियर के दौरान खुद को एक तेज गेंदबाज से निचले क्रम के बल्लेबाज में बदला था। जिसके बाद उनकी तुलना दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर लांस क्लूजनर से की जाने लगी।

ये पूछे जाने पर कि क्या उन्हें बल्लेबाजी पर गेंदबाजी करना पसंद है, पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि जब तक स्थिति की मांग थी, तब तक उन्होंने दोनों भूमिकाओं में काम किया।

उन्होंने कहा, “मैं ऐसा पर्यवेक्षक हुआ करता था कि मुझे परिस्थितियों में नेतृत्व करना पसंद था। मुझे कठिन परिस्थितियों में बल्लेबाजी या गेंदबाजी करना पसंद था।”