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दोनों देशों के बीच तनाव के कारण क्रिकेट संबंधों पर इसका असर पड़ा है © Getty Images

हाल ही में भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में काफी तनातनी देखी गई है। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति का माहौल है। पिछले कुछ दिनों में यह स्थिति और भी खराब हो गई है। जिसका असर दोनों देशों के बीच क्रिकट संबंध पर भी पड़ा है। तनाव के कारण दोनों देश एक-दूसरे के साथ क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं। हालांकि पाकितान भारत के साथ क्रिकेट खेलने का इच्छुक है लेकिन भारत इसके लिए राजी नहीं है। बीसीसीआई ने साफ कहा है कि वह बिना सरकार के इजाजत के पाकिस्तान के साथ कोई मैच नहीं खेलेगा।

हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी के समक्ष इस मुद्दे को रखा है और बीसीसीआई की शिकायत की है। पाकिस्तान ने आईसीसी से इस मुद्दे पर हस्ताक्षेप करने के लिए कहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष नजीम सेठी ने बीसीसीआई को लगभग धमकी भरे अंदाज में कहा है कि या तो हमारे साथ क्रिकेट खेलो या फिर हमें हर्जाना दो। नजीम सेठी ने कहा, ‘हमने आईसीसी और बीसीसीआई के साथ बैठक में साफ कर दिया है कि या तो भारत हमारे साथ क्रिकेट खेले या फिर हमें ना खेलने के लिए हर्जाना दे। साथ ही हमने आईसीसी से भी हर्जाने की मांग की है क्योंकि बीसीसीआई के अनुबंध तोड़ने के कारण हम वित्तीय घाटे से गुजर रहे हैं।’  भारत बनाम इंग्लैंड, पहला टेस्ट: लाइव ब्लॉग देखने के लिए क्लिक करें

सेठी ने साथ ही कहा कि बीसीसीआई और पीसीबी ने 2014 में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे कि दोनों देश 2015 से 20123 के बीच छह द्विपक्षीय श्रंखला खेलेंग। लेकिन दोनों देशों के बीच तनातनी होने के कारण बीसीसीआई ने हमारे साथ क्रिकेट खेलने से इनकार कर दिया और बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने आईसीसी से यहां तक अपील कर डाली कि भारत-पाकिस्तान को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में एक ही ग्रुप में ना रखा जाए। भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय श्रंखला दिसंबर 2012 से नहीं खेली गई ह। हालांकि आईसीसी के आयोजनों में दोनों देश एक-दूसरे से भिड़ते रहे हैं।