कोविड-19 वैश्विक महामारी  (COVID-19 Pandemic) से भारत में अब तक 29 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 1000 को पार कर गई है वहीं दुनिया भर में कोरोनावायरस से अब तक 32 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है वहीं 7 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में हैं. कोरोना वायरस से निपटने के लिए दुनिया भर में खिलाड़ी दान दे रहे हैं. हालांकि सोशल मीडिया पर यूजर्स उनके योगदान को लेकर सवाल उठा रहे हैं. कई अपनी धनराशि का खुलासा कर रहे हैं तो कइ इसे गुप्त रख रहे हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा (Pragyan Ojha) का कहना है कि कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए वित्तीय मदद को संख्या से नहीं आंका जाना चाहिए और योगदान करने वालों की राशि को लेकर सवाल पूछना हैरानी की बात है.

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कोरोना वायरस (Coronavirus) से निपटने के लिए दुनिया भर में खिलाड़ी दान दे रहे हैं. हालांकि सोशल मीडिया पर यूजर्स उनके योगदान को लेकर सवाल उठा रहे हैं और ओझा उनके इस रवैये से हैरान हैं.

पिछले महीने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने वाले ओझा ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘यह देखकर काफी हैरानी हो रही है कि जो लोग इस संकट की घड़ी में मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं, उन पर सवाल (किसने कितनी राशि दान में दी है) उठाए जा रहे हैं. मदद तो मदद ही होती है, इसे आंका नहीं जा सकता. हमें उनका शुक्रगुजार होना चाहिए.’

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दिग्गज सचिन तेंदुलकर, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के वर्तमान अध्यक्ष सौरव गांगुली, सुरेश रैना, अजिंक्य रहाणे और कप्तान विराट कोहली ने भी दान दिया है. कोहली ने अपनी धनराशि का खुलासा नहीं किया है जबकि अन्य खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी रकम बताई है.