ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु (Sadhguru) जो मृदा बचाओ आंदोलन (Save Soil Movement) का नेतृत्व कर रहे हैं, ने गुरुवार को वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच सर विवियन रिचर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के मौके पर मिट्टी के तेजी से विलुप्त होने के महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभा को संबोधित किया. इस मौके पर पूर्व वेस्टइंडीज दिग्गज सर विवियन रिचर्ड्स (Sir Vivian Richards) और इयान बॉथम (Lord Ian Botham) ने सद्गुरु के इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया.

इस दौरान अपने पसंदीदा क्रिकेटर सर विवियन रिचर्ड्स से मुलाकात करते हुए, सद्गुरु ने कहा, “आपको पता होना चाहिए, केवल एक चीज जिसके लिए हम आपसे नफरत करते थे- वो ये कि आप हमेशा विपक्षी टीम में थे. लेकिन इसके अलावा हम आपको प्यार करने से खुद को रोक नहीं सकते. लोग आपको वेस्टइंडीज के खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक क्रिकेटर के रूप में देखते हैं. ये बहुत अच्छी बात है.”

सर विवियन रिचर्ड्स ने मिट्टी बचाओ आंदोलन का समर्थन किया और सद्गुरु से कहा, “आइए अपनी मिट्टी को बचाएं, ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण संदेश है और आपका इसमें शामिल होना और भी अच्छा है. मैं शत प्रतिशत आपके साथ हूं. मेरी राय में आपके पास इससे बेहतर संदेश नहीं हो सकता. इसके लिए मैं उपलब्ध हूं.”

क्रिकेट के दिग्गज लॉर्ड इयान बॉथम और सर विवियन रिचर्ड्स के साथ मुलाकात की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए, सद्गुरु ने ट्वीट किया, “सर विवियन रिचर्ड्स और लॉर्ड इयान बॉथम – #SaveSoil आंदोलन के लिए मेरी एंटीगुआ यात्रा के दौरान आपसे मिलकर खुशी हुई. क्रिकेट और मैदान के बाहर आपकी उपलब्धियां प्रशंसनीय हैं. कृपया हमारी मिट्टी जो कि पृथ्वी पर सभी जीवन का आधार उसे बहाल करने में मेरे साथ जुड़ें -एसजी.”

इससे पहले, एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधान मंत्री गैस्टन ब्राउन ने सद्गुरु का गर्मजोशी से स्वागत किया. दोनों एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे जो चल रहे मृदा क्षरण संकट को दूर करने के लिए एक साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है. एंटीगुआ सरकार के अलावा, सेंट किट्स, सेंट लूसिया और डोमिनिका भी मृदा स्वास्थ्य के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे.

#SaveSoil के वैश्विक आंदोलन के तहत सद्गुरु मोटरसाइकिल पर 100 दिनों में 27 देशों में 30,000 किमी की यात्रा पर होंगे. 21 मार्च से शुरू होने वाली 100-दिवसीय यात्रा में वो सभी 27 देशों के नेताओं के साथ मुलाकात भी करेंगे. जहां उनसे आग्रह किया जाएगा कि वो अपने देशों में मिट्टी बचाने के लिए तत्काल नीतिगत कार्रवाई शुरू करें.

सद्गुरु ने कहा कि आंदोलन “192 देशों में एक नीति लाने का प्रयास है कि अगर आपके पास कृषि भूमि है, तो उसकी मिट्टी में कम से कम 3-6% जैविक सामग्री होनी चाहिए. आने वाली पीढ़ी के लिए ये हमारी जिम्मेदारी है.