दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज हाशिम अमला (Hashim Amla) का कहना है कि भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) को सामूहिक अनुभव से सेंचुरियन टेस्ट में फायदा मिला। टीम इंडिया ने विराट कोहली (Virat Kohli) की नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में 113 रनों बड़ी जीत दर्ज कर सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली।

दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट के लिए 124 टेस्ट खेलने वाले अमला ने कहा कि वो मैच में भारत के गेंदबाजी कौशल से काफी हैरान थे। अमला ने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका पर शनिवार को कहा, “वे पिछले दो सालों में एक मजबूत टीम के रूप में उभरी है। उनके पास सामूहिक रूप से अधिक अनुभव है और जब आप बोर्ड पर रन बनाते हैं तो इससे हमेशा बड़ा फर्क पड़ता है।”

देश के लिए 9 हजार से अधिक टेस्ट रन बनाने वाले अमला का मानना है कि टेस्ट का नतीजा सही था, क्योंकि घरेलू टीम ने पिछले साल की शुरुआत में वेस्टइंडीज दौरे के बाद छह महीने तक रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेली थी। उन्होंने कहा कि प्रोटियाज गेंदबाजों को पहले दिन भारत के बल्लेबाजों खासकर केएल राहुल (123) और मयंक अग्रवाल (60) को आउट करना मुश्किल लगा।

अमला ने कहा, “ये एक उचित परिणाम था। सेंचुरियन पिच हमेशा से बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण रही है। इसलिए, भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी की और 300 से अधिक रन बनाए, प्रोटियाज बल्लेबाजों के लिए उस स्कोर की बराबरी करना आसान नहीं था। इसलिए भारतीय टीम को पहली पारी में 130 रनों की बढ़त मिली थी।”

अमला ने महसूस किया कि जहां प्रमुख तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्टजे की चोट एक झटका थी, वहीं मेजबान टीम ने दूसरे दिन अच्छी वापसी की।

उन्होंने कहा, “पहले दिन खेल अनुशासित क्रिकेट खेलने के लिए भारतीय बल्लेबाजों को जाता है। यह स्पष्ट है कि जब टीमें दक्षिण अफ्रीका में आती हैं तो उनके बल्लेबाज स्टंप के बाहर अच्छी तरह से छोड़ने की बात करते हैं और शायद यही वह जगह है जहां प्रोटियाज ने खुद को निराश किया। लेकिन दूसरे दिन, बेहतर गेंदबाजी की और भारत को 327 रनों पर रोक दिया।”