इंग्लैंड की सीमित ओवर फॉर्मेट टीम के कप्तान इयोन मोर्गन को इस बात की खुशी है कि शुबमन गिल और सैम कर्रन जैसे युवा खिलाड़ी टेस्ट फॉर्मेट को प्राथमिकता दे रहे हैं। मोर्गन का कहना है कि खेल किस दिशा में आगे जा रहा है ये जानने के लिए युवाओं का आकलन करना सबसे अच्छा तरीका है।

34 साल के मोर्गन ने कहा, “युवा खिलाड़ी हमेशा आपको इस बात की जानकारी देते हैं कि क्रिकेट किस दिशा में आगे जा रहा है। हमारे सबसे युवा और प्रतिभावान खिलाड़ी जैसे इंग्लैंड के सैम कर्रन और भारत के शुबमन गिल टेस्ट क्रिकेटको प्राथमिकता दे रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “एक उम्र तक आपको सभी कुछ खेलना चाहिए- आप अपने करियर की शुरुआत में खुद को किसी एक चीज से नहीं जोड़ना चाहेंगे। मेरा लक्ष्य टेस्ट मैच क्रिकेट खेलने का था। स्वाभिक तौर पर मैं सीमित ओवर फॉर्मेट में बेहतर था लेकिन मेरे खेल का विकास में टेस्ट क्रिकेट की अहम भूमिका रही।”

इंग्लिश कप्तान ने आगे कहा, “मेरे लिए इसका मतलब ये है कि टी20 इस खेल में जितनी लोकप्रियता, जुनून, ग्लैमर और पैसा लेकर आया है- क्रिकेट फिलहाल स्वस्थ्य स्पेस में है।”

मोर्गन का मानना है कि हर फॉर्मेट का अपना अलग महत्व है। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ा सवाल है कि किस फॉर्मेट का क्या महत्व है। खेल के रूप में हम जो सबसे बड़ी गलती करते हैं वो ये कि हम तीनों फॉर्मेट को एकसमान देखते हैं और खेल के अंदर उनकी अलग-अलग भूमिकाओं को नहीं पहचानते।”

उन्होंने कहा, “टी20 क्रिकेट उन युवाओं के लिए है जिन्होंने ये खेल कभी नहीं देखा है और वो टीवी पर सितारों से सजे इस चमक धमक भरे खेल में गेंद को मैदान के चारों तरफ हिट होते देखते हैं। 50 ओवर फॉर्मेट का अलग ही महत्व है, ये आपको एक दिन के अंदर हर चीज का अनुभव देता है। टेस्ट क्रिकेट शीर्ष खिलाड़ियों के लिए सबसे मूल्यवान फॉर्मेट है। कुछ देशों के लिए ये हमेशा ऐसा ही रहेगा और ये हमारी प्राथमिकता है।”