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ये बहुत कम मौकों पर देखने को मिलता है कि टीम ने 70 रनों के भीतर अपने 5 से ज्यादा विकेट गंवा दिए हों और इसके बावजूद वह लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल कर ले। खासकर ऑस्ट्रेलिया जैसी सशक्त टीम के खिलाफ इस मुकाम को प्राप्त नामुमकिन जैसा है। लेकिन आपको ये जानकर हैरत होगी कि टीम इंडिया ने साल 2007 फ्यूचर कप श्रृंखला के 7वें वनडे मैच में ऐसा ही कारनामा करके पूरी दुनिया को अपनी क्रिकेटिंग प्रतिभा से दंग कर दिया था। गौर करने वाली बात है कि टीम इंडिया जो इस मैच में 194 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी उसने 64 रनों पर 6 विकेट गंवा दिए थे। लेकिन इसके बावजूद जीत अंततः टीम इंडिया के रणबांकुरों की ही हुई जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया जैसी सशक्त टीम को पानी पिला दिया। लेकिन ये सब कैसे हुआ आइए आपको बताते हैं।

यह बात अक्टूबर 2007 की है। ऑस्ट्रेलिया भारत 7 मैचों की वनडे सीरीज खेलने आई हुई थी। सीरीज के पहले 6 मैचों में से 4 ऑस्ट्रेलिया ने जीते और एक मैच ही भारतीय टीम जीत पाई। वहीं एक मैच बारिश में धुल गया। इस तरह सीरीज में ऑस्ट्रेलिया 4-1 से बढ़त बनाए हुए थी। सीरीज का आखिरी और सातवां वनडे मैच मुंबई में खेला गया। चुंकि, भारतीय टीम इस मैच में प्रतिष्ठा बचाने के लिए खेल रही थी। ऐसे में जीत जरूरी थी। मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया टीम की शुरुआत खराब रही जब जहीर खान ने मैच की पहली ही गेंद पर माइकल क्लार्क को एल्बीडब्ल्यू आउट कर दिया। इस बड़े झटके के बाद ऑस्ट्रेलिया टीम तिलमिला गई। वन डाऊन पर बल्लेबाजी करने आए रिकी पोटिंग ने एडम गिलक्रिस्ट के साथ मिलकर 9.2 ओवरों में 60 रन जोड़े और पारी को आगे बढ़ाने लगे। लेकिन इसी बीच इरफान पठान ने गिलक्रिस्ट(19) को हरभजन के हाथों झिलवाते हुए भारत को दूसरी सफलता दिलवाई।

दूसरे विकेट के गिरने के बाद ब्रेड हॉज ने रिकी पोटिंग का साथ देते हुए तीसरे विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी निभाई लेकिन इसी बीच हॉज को दिनेश कार्तिक के हाथों झिलवाते हुए मुरली कार्तिक ने अपना पहला शिकार झटका। मुरली ने इसी ओवर की अंतिम गेंद पर एंड्रयु सायमंड्स को भी शून्य के स्कोर पर ही चलता कर दिया। इस तरह ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 117 रन पर चार विकेट हो गया। इससे पहले कि ऑस्ट्रेलिया टीम संभल पाती आरपी सिंह ने रिकी पोंटिंग (57) को 129 के कुल योग पर आउट कर दिया। इस तरह ऑस्ट्रेलिया के पांच विकेट गिर चुके थे। ऐसे में जरूरत थी एक और सुनियोजित आक्रमण की। अगले पांच ओवरों में ब्रेड हाडिन और जेम्स होप्स ने कुल 30 रन जोड़े।

जब कप्तान धोनी को लगा कि ये जोड़ी जम जाएगी तो ऐसे मौके पर उन्होंने मुरली कार्तिक को फिर से गेंद थमा दी। फिर क्या था मुरली कार्तिक ने कहर बरपा दिया। कार्तिक ने अगले कुछ ओवरों में ब्रेड हाडिन, जेम्स होप्स, ब्रेड हॉग और ब्रेट ली सहित सहित चार बल्लेबाजों को पवेलियन लौटा दिया और मैच में अपने 6 विकेट पूरे किए। अंतिम विकेट को आरपी सिंह ने आउट कर दिया। इस तरह ऑस्ट्रेलिया 41.3 ओवरों में 193 रनों पर ऑलआउट हो गई। भारतीय टीम की ओर से मुरली कार्तिक ने सर्वाधिक 27 रन देकर 6 विकेट लिए। इस तरह 194 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की ओर से ओपनिंग करने सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली आए। सौरव गांगुली शून्य रन बनाकर दूसरे ओवर में ही चलते बनते। इससे पहले कि टीम इंडिया संभल पाती चौथे ओवर में ही दिनेश कार्तिक भी आउट हो गए। कार्तिक ने भी शून्य रन बनाए। इस तरह टीम इंडिया ने 8 रनों पर दो विकेट गंवा दिए। इस कठिन परिस्थिति में सचिन तेंदुलकर ने मैदान के चारों ओर स्ट्रोक खेलने शुरू कर दिए।

सचिन जब पूरी तरह से टच में नजर आ रहे थे तभी ब्रेट ली की एक गेंद जो 92 मील/प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी गई थी। सचिन के बल्ले का अंदरूनी किनारा लेती हुई स्टंप्स उड़ा ले गई। फिर क्या था भारतीय टीम ने 38 रनों पर अपने 3 विकेट गंवा दिए। अगले ओवरों में युवराज सिंह, एमएस धोनी और इरफान पठान जल्दी-जल्दी आउट हो गए। इस तरह टीम इंडिया ने 64 रनों पर 6 विकेट गंवा दिए। लेकिन इस बीच एक बल्लेबाज था जिसने हिम्मत नहीं हारी और वो था रॉबिन उथप्पा। उथप्पा अपने चिरपरिचित अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आए। वह तेज गेंदबाजों के खिलाफ पिच पर शॉर्ट खेल रहे थे और दर्शकों को अपनी बल्लेबाजी से लुभा रहे थे। उन्होंने आउट होने से पहले 47 रन बनाए जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल थे।

उथप्पा भारतीय टीम के सातवें विकेट के रूप में 129 रनों के योग पर आउट हुए लेकिन अभी भी जीत बहुत दूर थी। उथप्पा के आउट होने के कुछ देर बाद ही हरभजन सिंह भी 19 रन बनाकर आउट हो गए और इस तरह टीम इंडिया के 143 रनों पर 8 विकेट हो गए। अब लग रहा था कि टीम इंडिया का हारना निश्चित है लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। क्रीज पर थे मुरली कार्तिक और जहीर खान। दोनों ने ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण को खासी चुनौती दी। एक ओर जहां मुरली कार्तिक विकटों के पीछे शॉट जड़कर रन बना रहे थे तो दूसरे छोर पर जहीर खान बड़े स्ट्रोक जड़ने में जुटे हुए थे। इस बीच ब्रेट ली ने जहीर खान को एक यॉर्कर फेंकी जिसे खेलने में जहीर खान थोड़ा असहज नजर आए। ब्रेट ली उनके पास गए और कुछ अपशब्द कहकर चले आए। फिर क्या था जहीर ने उनकी अगली गेंद पर ही छक्का जड़कर उन्हें सबक सिखा दिया। इन दोनों ने नौवें विकेट के लिए अविजित अर्धशतकीय साझेदारी निभाते हुए भारत को जीत दिलवा दी। जहीर खान 31 रनों पर नाबाद रहे वहीं कार्तिक 21 रनों पर नाबाद रहे और भारत ने 46वें ओवर में ही मैच 2 विकेट से जीत लिया।