मिशेल स्टॉर्क ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी की परंपरा को आगे ले जाएंगे © Fox Sports Cricket
मिशेल स्टॉर्क ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी की परंपरा को आगे ले जाएंगे © Fox Sports Cricket

फुटबॉल और क्रिकेट दो ऐसे खेल हैं जिनमें दर्शक हर समय रोंमाच का अनुभव करता है। लेकिन क्रिकेट में ये रोमांच अपने चरम पर होता है जब कोई तेज गेंदबाज आंधी की गति से आकर बिजली की गति की गेंद करता है। क्रिकेट इतिहास में ऐसे बहुत से गेंदबाज रहे हैं जिनके पास आंधी की रफ्तार रही है थामसन, लिली, डोनाल्ड ऐसे ही कुछ नाम है, जिन्होने अपनी पेस से बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा किया। हाल ही में मिशेल स्टार्क ने 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद की और क्रिकेट जगत में ये चर्चा होने लगी की क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज गेंदबाज कौन है। क्रिकेट में पहले भी ऐसे गेंदबाज रहे है जिन्होने 100 मील की रफ्तार निकाली। तो आइए जानते हैं क्रिकेट के 5 सबसे तेज गेंदबाजों के बारे में।

5.मिशेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया): 160.4 km/hr

रफ्तार के साथ सटीक लाइन और लेंथ स्टॉर्क की पहचान हैं © Getty Images
रफ्तार के साथ सटीक लाइन और लेंथ स्टॉर्क की पहचान हैं © Getty Images

मिशेल स्टार्क वर्तमान क्रिकेट जगत के सबसे तेज गेंदबाज हैं। अपनी नियमित पेस और सटीक यार्कर के लिए मशहूर स्टार्क ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में 160.4 km/hr की गति से गेंद की। पर्थ की विकेट पर इस गेंद को करने के साथ ही स्टार्क मौजूदा क्रिकेट में सबसे तेज गेंदबाज होने का खिताब पा लिया। स्टार्क की सटीकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस गति पर भी उन्होने यार्कर गेंद डाली। स्टार्क जिस तेजी और लय में गेंदबाजी कर रहे हैं जल्दी ही वो दुनिया के नंबर एक गेंदबाज के रूप में अपनी पहचान पा बना लेंगे।

4.जेफ थामसन (ऑस्ट्रेलिया): 160.6 km/hr

अपने दौर के सबसे तेज गेंदबाज थे जेफ थॉमसन © Getty Images
अपने दौर के सबसे तेज गेंदबाज थे जेफ थॉमसन © Getty Images

क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज के रूप में मशहूर जेफ थामसन ने अपनी स्पीड ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का प्रतिनिधित्व किया था। थामसन ने पर्थ की पिच पर 1975 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 160.6 km/hr की गेंद डाली थी। उस दौर के कई बल्लेबाजों का मानना है कि थामसन की बहुत सी गेंद इससे भी तेज थी, लेकिन उस दौर में गति मापने के लिए स्पीड गन नही था। थामसन ने अपनी पेस से उस दौर के हर बल्लेबाज के मन में खौफ पैदा किया। थामसन के साथ डेनिस लिली की जोड़ी ऑस्ट्रेलिया की सबसे खतरनाक पेस जोड़ी मानी जाती है।

3.शान टेट (ऑस्ट्रेलिया): 161.1 km/hr

चोटों की वजह से ज्यादा अंतराष्ट्रीय मैच नहीं खेल सके शॉन टेट © Getty Images
चोटों की वजह से ज्यादा अंतराष्ट्रीय मैच नहीं खेल सके शॉन टेट © Getty Images

ऑस्ट्रेलिया का यह तेज गेंदबाज अपने पूरे करियर में चोटों से जूझता रहा लेकिन शान टेट ने कभी भी अपनी स्पीड से समझौता नहीं किया। टेट ने इंग्लैंड के खिलाफ 2010 में 161.1 km/hr की रफ्तार से गेंद की, यह मैच की दूसरी पारी के पहले ओवर की 5वी गेंद थी। 2007 में अपना पहला मैच खेलने वाले टेट का करियर चोटों की वजह से ज्यादा लंबा नही चल सका। टेट अगर पूरी तरह फिट होते तो शायद वो दुनिया की सबसे तेज गेंद डालने वाले गेंदबाज होते।

2.ब्रेट ली (ऑस्ट्रेलिया): 161.1 km/hr

पेस के साथ सटीक लाइन औऱ लेंथ ब्रेट ली को और ज्यादा खतरनाक बना देती थी © Getty Images
पेस के साथ सटीक लाइन औऱ लेंथ ब्रेट ली को और ज्यादा खतरनाक बना देती थी © Getty Images

इस लिस्ट में शामिल चौथा ऑस्टेलियाई नाम और नाम इतना स्पेशल की किसी परिचय का मोहताज नहीं। जी हां हम बात कर रहे है ब्रेट ली की। क्रिकेट में ऐसे बहुत से गेंदबाज हुए हैं जिनके पास पेस थी। ली भी उनमे से एक है लेकिन ब्रेट ने अपनी इस स्पीड को सटीक लाइन और लेंथ का सहारा देकर अपने आप को बल्लेबाज को आतंकित करने वाले गेंदबाजों की श्रेणी में पहुंचा दिया। ली के पास 150 किमी से ऊपर की गति, अचूक यार्कर, गति परिवर्तन सब कुछ था जिनके दम पर उन्होने ऑस्ट्रेलियाई टीम को कई मैच अकेले जिताए। ली ने 2005 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 161.1 की गति से गेंद की थी जो क्रिकेट इतिहास की दूसरी सबसे तेज गेंद है।

1.शोएब अख्तर (पाकिस्तान): 161.3 km/hr

शोएब अख्तर क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज हैं © Getty Images
शोएब अख्तर क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज हैं © Getty Images

इस लिस्ट में सारे ऑस्ट्रेलियाई नामों से उलट एक एशियाई नाम है जो टॉप की पोजीशन पर है। 1997 में करियर की शुरुआत करने वाले शोएब अख्तर ने 1999 में राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर को लगातार दो गेंदों में बोल्ड कर क्रिकेट जगत को अपनी धमक का एहसास दिलाया। इसके बाद अख्तर तेज गेंदबाजी की एक मिसाल बन गए। 150 से ऊपर की पेस पर अख्तर की बाउंसर इतनी खतरनाक थी की बहुत से बल्लेबाज उनके सामने बल्लेबाजी करने से अच्छा पवेलियन में बैठ कर अख्तर की तेजी मापना पसंद करते थे। अख्तर का क्रिकेट करियर भी चोटों से ग्रस्त रहा। कई विशेषज्ञों ने उनको पेस कम करने की सलाह दी लेकिन अख्तर ने कभी भी पेस से समझौता नहीं किया। अख्तर ने 2003 विश्व कप में इंग्लैंड के बल्लेबाज निक नाइट को एक गेंद की जिसकी गति 161.3 km/hr थी। इस गेंद को करने के साथ ही अख्तर क्रिकेट के सबसे तेज गेंदबाज बन गए। अनुशासनहीनता और चोटों की वजह से अख्तर का करियर उतना लंबा नही चल सका लेकिन अख्तर जब तक खेले बल्लेबाजों के लिए एक खौफ रहे।