टीम इंडिया © AFP
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इंग्लैंड के लिए भारत का का दौरा इस बार कुछ ज्यादा ही कठिन रहा। उन्हें टेस्ट में 4-0 और वनडे में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। टी20I सीरीज में उनके खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और ऐसा लगा कि अंग्रेजी टीम टी20I सीरीज जीतकर घर वापसी करेगी। उन्होंने कानपुर में खेले गए पहले मैच में 7 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की थी। वहीं नागपुर में खेले गए दूसरे टी20I में उनकी टीम को 5 रनों से करीबी हार का सामना करना पड़ा। चूंकि, इन दोनों मौकों पर इंग्लैंड टीम मेजबानों पर भारी पड़ती नजर आई थी। ऐसे में टीम इंडिया के लिए निर्णायक टी20I जीतना टेढ़ी खीर नजर आ रहा था। बैंगलुरू टी20I में इंग्लैंड के कप्तान ऑइन मॉर्गन ने एक बार फिर से टॉस जीता और टीम इंडिया को पहले बल्लेबाजी करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने शुरुआत भी अच्छी की और विराट कोहली को दूसरे ओवर में ही चलता किया। लेकिन इस दौरान उन्हें शायद ही इस बात का भान था कि वह अंतिम बार चैन की सांस ले रहे हैं। बाद में धोनी और रैना ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी। वहीं युजवेंद्र चहल ने 25 रन देक 6 विकेट लेते हुए इंग्लैंड को 75 रनों से हरा दिया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। चूंकि, सीरीज खत्म हो चुकी है। ऐसे में जान लेते हैं कि किस भारतीय खिलाड़ी ने कैसा प्रदर्शन किया।

विराट कोहली(5/10): कोहली ने तीन मैचों की सीरीज में महज 17.33 की औसत से 52 रन बनाए और वह पूरी सीरीज में फीके साबित हुए। अंतिम मैच में अपने रन औसत को सुधारने का कोहली के पास मौका था लेकिन वह 2 रन बनाकर रन आउट हो गए। कप्तानी की बात करें तो उनके पास करने के लिए कुछ खास नहीं था क्योंकि उनके पास एक ऐसी टीम थी जिसमें अनुभव और प्रतिभा की भरमार थी। हां, उन्हें जसप्रीत बुमराह को प्रेरित करने के लिए हम जरूर अतिरिक्त अंक देते हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर टी20I में अंतिम ओवर में बुमराह को कहा था कि तुम गेंद डालो, अगर छक्का भी पड़ेगा तो कोई बात नहीं तुम कल फिर से मैदान में खेलते नजर आओगे। इससे दुनिया का अंत नहीं हो जाएगा। इसके अलावा उनके कुछ प्वाइंट इसलिए काटे गए क्योंकि वह तीसरे टी20I में रन आउट होने के बाद केएल राहुल पर भड़क पड़े थे और मैदान पर ही खरी खोटी सुना दी थीं। हालांकि, ये बात जगजाहिर है कि यह कोहली का अंदाज है और वह अपनी बात को कह दी देते हैं, फिर चाहे वह अच्छी हो य बुरी। लेकिन, इसके साथ उन्हें ये बात नहीं भूलनी चाहिए कि वह टीम के कप्तान हैं। ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड तीसरे टी20I की 8 बातें जो मैच में छाई रहीं

केएल राहुल(8/10): कानपुर में खेले गए पहले टी20I में क्रिस जॉर्डन की बाउंसर पर बड़ा शॉट खेलने के लिए गए राहुल ने अपना विकेट गंवा दिया था और वनडे सीरीज में असफलता के बाद राहुल ने टी20I सीरीज में भी असफलता के रंग दिखा दिए थे। वनडे सीरीज के बाद वह लगातार चौथे मैच में अच्छा स्कोर बनाने से महरूम रह गए थे। कोहली ने मैच के बाद कॉन्फ्रेंस में राहुल की क्षमताओं पर भरोसा जताया था और कहा था कि टीम इंडिया उन्हें एक और मौका देगी।

राहुल अपने कप्तान के बात पर खरे उतरे और दूसरे टी20I में 47 गेंदों में 71 रनों की पारी खेली। टीम इंडिया ने इस मैच में 144 रन बनाए थे और अंततः 5 रनों से मैच जीता था। इस लिहाज से राहुल का टीम इंडिया की जीत में अहम योगदान रहा। इसके बाद उन्होंने तीसरे मैच में 22 रनों की पारी खेली और दूसरे विकेट के लिए सुरेश रैना के साथ 61 रनों की साझेदारी निभाई। राहुल को उनकी बाउंड्री लाइन पर जबरदस्त फील्डिंग के लिए अतिरिक्त अंक दिए गए हैं।

सुरेश रैना(8/10): रैना पिछले साल वर्ल्ड टी20 में भारतीय टीम की ओर से खेलते नजर आए थे और तबसे वह अब टीम में वापसी करने में सफल रहे। रैना इस बात को भलीभांति जानते थे कि इस सीरीज में उन्हें कुछ करके दिखाना होगा तभी बात बनेगी। उन्होंने सीरीज के पहले मैच में नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए जहां 23 गेंदों 34 रन बनाए वहीं दूसरे मैच में वह 10 गेंदों में 7 रन बनाकर आउट हुए। लेकिन इस दौरान उनके हौंसले बुलंद थे। अंततः तीसरे मैच में 63 रनों की पारी खेलकर उन्होंने अपनी क्लास को दर्शा दिया। रैना अगर ये पारी न खेलते तो उनके लिए चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम इंडिया में वापसी कठिन हो सकती थी।  [मैच रिपोर्ट: तीसरे टी20I में भारत ने इंग्लैंड को 75 रनों से हराया, 2-1 से जीती टी20I सीरीज]

रैना को अतिरिक्त अंक उनके अर्धशतक जड़ने और टीम इंडिया को 200 पार पहुंचाने के लिए दिए गए। वहीं, दूसरी ओर उन्होंने चहल को ढांढस बंधाया जब धोनी ने उन्हें खराब लाइन में गेंदबाजी के लिए घूरा था। रैना ऐसे ही हैं, हमेशा खुश रहने वाले, दूसरों को खुश करने वाले।

युवराज सिंह(4/10): अगर युवराज ने अंतिम मैच में 10 गेंदों में 27 रनों की पारी नहीं खेली होती तो हम उन्हें और भी कम अंक देते। उन्होंने इस दौरान बिल्कुल भी गेंदबाजी नहीं की। इससे भी बुरी बात ये रही कि उन्होंने शॉर्ट थर्डमेन में खड़े होकर एक आसान सा कैच छोड़ दिया। कुल मिलाकर बात करें तो युवी वो सब करने में माकाम रहे जो उन्होंने वनडे सीरीज में किया था।

एमएस धोनी(6/10): धोनी ने अंतिम मैच में अपनी सारी खामियों को पाट दिया। हालांकि, इसके लिए कोहली भी तारीफ के हकदार हैं क्योंकि उन्होंने धोनी को नंबर चार पर बल्लेबाजी करने के लिए कहा। धोनी ने 36 गेंदों में 56 रनों की पारी खेली और इंग्लिश गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी। धोनी को उनकी बेहतरीन विकेटकीपिंग के लिए अतिरिक्त अंक दिए गए हैं। उन्होंने सीरीज में 48.5 की औसत से 97 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 138.5 का रहा।

मनीष पांडे(5/10): अंतिम मैच में पांडे को किनारे करके रिषभ पंत को डेब्यू करने का मौका दिया गया। एक समय ऐसा लगा कि पंत ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करेंगे। हालांकि, जैसे ही धोनी ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करने को आए। ये पता चल गया कि पंत छठवें क्रम पर बल्लेबाजी के लिए आएंगे। पांडे के लिए यह सीरीज मिली जुली रही। उन्होंने दूसरे मैच में 30 रनों की पारी खेली थी और उसकी मदद से ही टीम इंडिया 140 के पार का स्कोर बना पाई थी, और अंततः 5 रन से मैच जीती थी। उन्होंने मैदान में अच्छी फील्डिंग की। इसलिए उनको अतिरिक्त अंक मिले।

रिषभ पंत(5/10): किसी खिलाड़ी के एक मैच में प्रदर्शन के आधार पर आंकलन करना मुमकिन नहीं है। लेकिन इससे ज्यादा महत्वपूर्ण बात ये है कि उन्होंने डीप में मॉर्गन का शानदार कैच लिया और टीम इंडिया को जीत की ओर प्रशस्त किया। इसके अलावा उन्होंने 3 गेंदों में नाबाद 5 रन बनाए जिसमें अंतिम ओवरों में एक चौका भी शामिल रहा।

हार्दिक पांड्या(3/10): पूरी सीरीज में पांड्या ने 11 रन बनाए और कोई भी विकेट लेने में कामयाब नहीं रहे। ये बताता है कि उनका इस सीरीज में कोई अभिन्न योगदान नहीं रहा। इसके अलावा, उन्हें दूसरे मैच में गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला। लेकिन एक बार फिर से उन्हें अच्छी फील्डिंग के लिए अतिरिक्त अंक मिले।

परवेज रसूल(5/10): रसूल के डेब्यू मैच में टीम इंडिया को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने 5 रन बनाए और उनका गेंदबाजी प्रदर्शन 4-0-32-1 रहा।

जसप्रीत बुमराह(9/10): दूसरे मैच में इंग्लैंड को अंतिम ओवर में 8 रन बनाने थे और इस समय मैदान पर इंग्लैंड के धाकड़ बल्लेबाज मौजूद थे। लेकिन बुमराह ने अच्छी गेंदबाजी की और सिर्फ दो रन ही दिए और टीम इंडिया को 5 रन से मैच जितवा दिया। इस दौरान उन्होंने जो रूट और जोस बटलर को एक ओवर में ही आउट कर दिया और टीम इंडिया की जीत की जमीन कर दी। इसके बाद उन्होंने अंतिम मैच में 14 न देकर 3 विकेट निकाले और अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस से सबका दिल जीत लिया। उनका एक अंक पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन न करने से कटा। अंततः सीरीज में उन्होंने 5 विकेट लिए और इस दौरान उनका इकॉनमी 6.20 का रहा।

आशीष नेहरा(9/10): इस सीरीज में एक बात देखने को मिली कि नेहरा की मुख्य विकटों को लेने की आदत और जब बहुत जरूरी हो तो ब्रेकथ्रू दिलाने की आदत कही नहीं गई और उन्होंने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया। उन्होंने इंग्लिश सलामी बल्लेबाजों को ही आउट नहीं किया बल्कि अंतिम ओवरों में भी अच्छी गेंदबाजी की।

अमित मिश्रा(9/10): अमित मिश्रा को दूसरे टी20I मैच में टीम में जगह दी गई। पहले मैच में रसूल को टीम में जगह दी गई थी जो खास प्रदर्शन नहीं कर सके थे। मिश्रा ने आते ही अच्छा काम किया और रन रेट पर दबाव बनाए रखा। दूसरे मैच में जहां उन्होंने ऑइन मॉर्गन को आउट किया वहीं तीसरे मैच में उन्होंने जेसन रॉय का विकेट लिया। इस तरह उन्होंने टीम इंडिया के लिए दोनों मैचों में जीत की जमीन तैयार की।