अपने घरेलू मैदान पर राष्ट्रीय टीम के लिए डेब्यू करना किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है और झारखंड के रहने वाले शाहबाज नदीम के लिए ये सपना सच हो गया। दाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज नदीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रांची टेस्ट के जरिए ड्रीम डेब्यू करना का मौका मिला।

30 साल के नदीम काफी समय के घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। साल 2004 में झारखंड के लिए डेब्यू करने वाले नदीम ने 110 प्रथम श्रेणी मैचों में कुल 424 विकेट झटके हैं।

गेंद को फ्लाइट कराने के अपनी क्षमता से बल्लेबाजों को चकमा देने वाले नदीम का नाम साल 2015-16 रणजी सीजन में सामने उभर कर आया, जब उन्होंने 51 विकेट निकाले। जिसके बाद से फैंस और समीक्षक उन्हें भारतीय जर्सी में देखने की मांग कर रहे थे, जो कि आज पूरी हुई।

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रांची टेस्ट में नदीम का डेब्यू पहले से तय नहीं था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टेस्ट स्क्वाड में भी नदीम का नाम शामिल नहीं था। हालांकि मैच के ठीक एक दिन पहले भारत के अतिरिक्त स्पिनर कुलदीप यादव कंधे में चोट की वजह से स्क्वाड से बाहर हुए और नदीम को उनकी जगह मौका मिला।

रांची की पिच पर भारत का तीन स्पिन गेंदबाज खिलाना लगभग तय ही था। ऐसे में नदीम को रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा वाले स्पिन अटैक का हिस्सा बनने का मौका मिला।