नत्थू सिंह  © sportzpics
नत्थू सिंह © sportzpics

आखिरकार लंबे इंतजार के बाद तेज गेंदबाज नत्थू सिंह ने आईपीएल में डेब्यू कर ही लिया। नत्थू ने गुजरात लायंस की ओर से अपने आईपीएल करियर का आगाज किया और पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर विकेट झटक कर अपनी प्रतिभा का सबूत भी दे दिया। नत्थू ने किंग्स इलेवन पंजाब के सलामी बल्लेबाज मनन वोहरा को अपना पहला आईपीएल शिकार बनाया। नत्थू सिंह की बाहर निकलती गेंद मनन वोहरा के बल्ले का किनारा लेते हुए विकेट के पीछे गई और विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने शानदार डाइव लगाकर कैच पकड़ नत्थू सिंह को पहला विकेट दिला दिया। इस कैच को लेने के साथ दिनेश कार्तिक ने आईपीएल में बतौर विकेटकीपर अपना 100वां शिकार किया और ये कारनामा करने वाले वो पहले विकेटकीपर बन गए।

नत्थू सिंह सबसे पहले सुर्खियों में साल 2016 में आए थे जब मुंबई इंडियंस टीम ने उन्हें 3.2 करोड़ रुपए की मोटी रकम के साथ खरीदा था, लेकिन मुंबई इंडियंस में बेहतरीन गेंदबाजों की भरमार होने के कारण उन्हें मौका नहीं मिला। आईपीएल के 10वें सीजन की नीलामी के दौरान नत्थू सिंह को गुजरात लायंस ने 50 लाख रुपए में खरीदा और 7वें मैच में उन्हें पहला मैच खेलने का मौका मिला, जिसमें उन्होंने अपनी गेंदों का कमाल दिखाया। गुजरात लायंस बनाम किंग्स इलेवन पंजाब, मैच का लाइव स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें…

नत्थू सिंह के लिए आईपीएल तक का सफर तय करना कभी भी आसान नहीं रहा और यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने अपने पिता के साथ फैक्ट्री में भी काम किया, जहां उन्हें 7 हजार रुपए वेतन मिलता था। नत्थू सिंह पहली बार तब सुर्खियों में आए थे जब अपने पहले रणजी मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर सहित 7 बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटाया था। इसके बाद ही प्रभावित होकर भारतीय टीम के चयनकर्ता संदीप पाटिल ने उन्हें अभ्यास मैच के लिए सिलेक्ट कर लिया। पाटिल ने कहा था कि मुझे इस खिलाड़ी में चमक नजर आती है।

नत्थू एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वो आईपीएल में आने से पहले टीन शेड से बने घर में रहते थे, उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में उनके पिता फैक्ट्री जाते थे तो वो खेलने निकल जाते थे। उनके क्रिकेट के प्रति रुझान को देख कर पिता ने उनका क्रिकेट क्लब में एडमिशन कराया। चूंकि, उस समय नत्थू सिंह की उम्र काफी छोटी थी तो उनके पिता ही उन्हें क्रिकेट क्लब तक ले जाया करते थे। इस दौरान व क्लब कभी सिटी बस में तो कभी साइकिल से जाते थे।

नाथू सिंह के पिता पिछले 30 सालों से फैक्ट्री में मजदूरी कर रहे हैं। राजस्थान में टोंक के एक गांव में रहने वाले नाथू सिंह के पिता पहले खेती करते थे लेकिन इतने कम पैसों से परिवार का गुजर- बसर नहीं हो पा रहा था। इसीलिए उन्होंने मजबूरन फैक्ट्री में काम करना शुरू किया। नाथू सिंह 140 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार गेंदबाजी कर सकते हैं, यहां तक कि वे 145 कि.मी./घंटा की रफ्तार को भी कई मर्तबा छू चुके हैं।

राजस्थान टीम के तेज गेंदबाज नाथू सिंह ने अपने पहले रणजी मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर सहित 7 बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटाया था। इसके बाद ही प्रभावित होकर भारतीय टीम के चयनकर्ता संदीप पाटिल ने उन्हें अभ्यास मैच के लिए सिलेक्ट कर लिया। पाटिल ने कहा था कि मुझे इस खिलाड़ी में चमक नजर आती है। इस साल आईपीएल में नाथू को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। लेकिन जब भी उन्हें मौका मिलेगा वह अपना सबकुछ झोंकने को तैयार हैं।