Ranji Trophy final: Vidarbha become sixth team to defend its title
Vidarbha team celebrates against Saurashtra @PTI Photo

रणजी ट्रॉफी फाइनल में गुरुवार को सौराष्ट्र पर 78 रन से जीत हासिल करने के साथ ही विदर्भ की टीम लगातार दूसरी बार यह खिताब जीतने वाली छठी टीम बनीं। विदर्भ ने पिछले साल दिल्ली की टीम को रणजी फाइनल में हराकर खिताब हासिल किया था।

गुरुवार को रणजी ट्रॉफी फाइनल के पांचवें और आखिरी दिन विदर्भ लगातार दूसरे खिताब को जीतने 5 विकेट की जरूरत थी। चौथे दिन का खेल खत्म होने के वक्त सौराष्ट्र की टीम ने महज 58 रन पर अपने 5 विकेट गंवा दिए थे। आखिरी दिन एक बार फिर से फिरकी गेंदबाज अदित्य सरवटे का जलवा दिखा और टीम को यादगार जीत हासिल हुई।

लगातार रणजी ट्रॉफी जीतने वाली छठी टीम

विदर्भ की टीम अपने रणजी ट्रॉफी का बचाव करने वाली छठी टीम बन गई है। इससे पहले महज पांच टीमें ही अपने रणजी खिताब का बचाव करने में कामयाब हो पाई थी। विदर्भ से पहले मुंबई, महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्टनाटक, राजस्थान की टीम ही लगातार दो बार रणजी ट्रॉफी जीतने का कारनामा कर पाई थी।

कर्नाटक ने 2015 में बचाया था खिताब

विदर्भ से पहले लगातार दो रणजी ट्रॉफी जीतने का कारनामा कर्टनाटक की टीम ने किया था। इस टीम ने 2013-14 और फिर 2014-15 में रणजी ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था।

खिताब बचाने वाली छठ रणजी टीमें

मुंबई की टीम ने सबसे ज्यादा बार अपने खिताब का बचाव किया है। साल 1934-35 में पहला और उसके बाद 1935-36 में दूसरा खिताब मुंबई ने जीता था। इसके बाद साल 1955-56 और फिर 1956-57 की ट्रॉफी भी मुंबई ने अपने नाम की थी। साल 1958 से लेकर 1978 तक मुंबई की टीम ने लगातार 15 बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में जीत हासिल की। इसके बाद कर्नाटक ने मुंबई के जीत का सिलसिला तोड़ा लेकिन साल 1974 से 1977 तक तीन और खिताब मुंबई के नाम रहे।

मुंबई, कर्नाटक, राजस्थान और दिल्ली रणजी की कामयाब टीम

1983-84, 84-85 में भी मुंबई ने अपने खिताब का बचाव किया। साल 1993-94, 94-95 में भी खिताब मुंबई के नाम रहा। साल 2002-03, 03-04 में भी मुंबई ने खिताब पर कब्जा जमाया। साल 2008-09, 09-10 में भी मुंबई रणजी ट्रॉफी विजेता बना।

साल 1939-40 और 1940-41 में महाराष्ट्र की टीम दो बार रणजी चैंपियन बनीं। साल 1978-79 और 1979-80 में दिल्ली की टीम ने रणजी ट्रॉफी पर लागतार दो बार कब्जा जमाया। साल 1997-98, 98-99 में कर्नाटक की टीम अपने खिताब का बचाव करने में सफल रही। 2010-11, 2011-12 में राजस्थान दो बार रणजी ट्रॉफी जीतने वाली टीम बनीं। कर्नाटक ने साल 2013-14, 14-15 में लगातार दो बार रणजी चैंपियन बनीं।