भारतीय टीम © Getty Images
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टी20 विश्व कप साल 2007 में शुरू हुआ और उसके पहले भारतीय टीम ने एकमात्र टी20 मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था। चूंकि उस समय टी20 विश्व कप को उतनी प्रतिष्ठा नहीं मिली थी तो कई वरिष्ठ खिलाड़ियों ने टी20 विश्व कप में ना शामिल होने को लेकर अपना प्रस्ताव रख दिया। यही कारण रहा कि कि भारतीय टीम के नए नवेले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ एक युवा फौज को टी20 विश्व कप खेलने के लिए दक्षिण अफ्रीका भेज दिया गया। आगे चलकर इसी युवा टीम ने पूरे टूर्नामेंट में गजब का प्रदर्शन किया जिसने दुनिया की सारी बड़ी टीमों के दांत खट्टे कर दिए। टीम इंडियाा का टी20 विश्व कप में प्रदर्शन हमेशा लाजवाब रहा है। टी20 विश्व कप में भारतीय टीम ने अब तक कुल 28 मैच खेले हैं जिनमें से उसे 17 मैचों में जीत मिली है वहीं 9 में पराजय का सामना करना पड़ा है। इसके अतिरिक्त एक मैच ड्रॉ व एक मैच का कोई परिणाम नहीं निकला। तो आइए नजर डालते हैं अभी तक खेले गए 5 टी20 विश्व कप के संस्करणों में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर। ये भी पढ़ें: विश्व कप में हिस्सा ले रहे देशों की पूरी टीम और उनके प्रमुख खिलाड़ी

टी20 विश्व कप 2007: विश्व क्रिकेट में टी20 क्रिकेट के आगमन के कुछ सालों बाद ही साल 2007 में दक्षिण अफ्रीका में पहले टी20 विश्व कप का आयोजन किया गया। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने गजब का प्रदर्शन किया था और सिर्फ एक मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ ग्रुप स्टेज में हारने के बाद भारतीय टीम ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और सभी मैचों में जीत दर्ज करते हुए टूर्नामेंट का पहला खिताब अपने नाम किया। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम का पहला मैच स्कॉटलैंड के खिलाफ बारिश से धुल गया था तो दूसरा मैच पाकिस्तान के खिलाफ टाई रहा था जिसे बॉल आउट के द्वारा भारतीय टीम ने जीत लिया था। अंततः फाइनल मैच में पाकिस्तान को 5 रन से हराकर भारतीय टीम ने विश्व क्रिकेट में अपनी नई साख बना ली और यहीं माही युग की शुरुआत हुई। ये भी पढ़ें: आईपीएल 2016: टी20 महाकुंभ का पूरा शेड्यूल, टाइम टेबल और वेन्यू डिटेल

टी20 विश्व कप 2009: दूसरे टी20 विश्व कप का आयोजन इंग्लैंड में किया गया। भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में बेहतरीन शुरूआत की और अपने ग्रुप में दोनों मैच जीतने के साथ अगले राऊंड में प्रवेश किया। लेकिन यहां भारतीय टीम का भाग्य कुछ डगमगा गया जब उसे वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के हाथों मामूमी अंतर से हार का सामना करना पड़ा। लगातार तीन मैच हारने के कारण टीम इंडिया टूर्नामेंट से बाहर हो गई। अंततः पाकिस्तान ने श्रीलंका को फाइनल में हराकर पहली बार टी20 विश्व कप अपने नाम किया।

टी20 विश्व कप 2010: टी20 विश्व कप का तीसरा संस्करण एक साल बाद ही वेस्टइंडीज में आयोजित किया गया। इस टूर्नामेंट में भी भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज के दोनों मैच जीतते हुए अगले ग्रुप में प्रवेश किया, लेकिन जैसे ही टीम इंडिया ने बड़ी टीमों के खिलाफ मैच खेले वह ढीली पड़ गई और एक के बाद एक ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने तीनों मैच गंवा दिए और एक बार फिर से भारतीय टीम को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। टूर्नामेंट के फाइनल में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार टी20 विश्व कप अपने नाम किया।

टी20 विश्व कप 2012: इस टी20 विश्व कप के ठीक पहले आईसीसी ने नियम निर्धारित किए कि टी20 विश्व कप को दो सालों के अंतराल में ही आयोजित किया जाएगा। फलस्वरूप 2012 में टी20 विश्व कप को उपमहाद्वीप के देश श्रीलंका में आयोजित किया गया। चूंकि श्रीलंका की पिचें स्पिनरों के लिए ज्यादा सहायक सिद्ध होती हैं तो ऐसे में उपमहाद्वीप की टीमों के प्रभुत्व को लेकर बातें की जा रही थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट के पहले मैच में अफगानिस्तान को हराया तो दूसरे मैच में इंग्लैंड को 90 रनों से हराते हुए सनसनी फैला दी। लेकिन मुख्य ग्रुप के पहले ही मैच में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 9 विकेट(31 गेंदें शेष रहते हुए) से बड़ी हार का सामना करना पड़ा जो बाद के मैचों में भारतीय टीम को भारी पड़ा। भारतीय टीम ने अपने अगले दोनों मैच पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीते, लेकिन पाकिस्तान भारत से रन रेट के आधार पर आगे निकल गया और फलस्वरूप पाकिस्तान को सेमीफाइनल में प्रवेश मिल गया और भारतीय टीम का सफर वहीं थम गया। टूर्नामेंट के फाइनल में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को हराकर पहली बार टी20 विश्व कप खिताब अपने नाम किया।

टी20 विश्व कप 2014: टी20 विश्व कप 2014 का आयोजन इसी उपमहाद्वीप के दूसरे देश बांग्लादेश में किया गया। भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया और पहले मैच में पाकिस्तान को हराते हुए टूर्नामेंट में शानदार अंदाज में आगाज किया। यही नहीं टीम इंडिया ने अपने ग्रुप स्टेज के पांच के पांचों मैच जीते जिनमें ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीम के खिलाफ ढाका में 73 रनों की बड़ी जीत भी शामिल थी। टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 6 विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया जहां उसकी मुलाकात श्रीलंका से हुई। लेकिन यहां भारतीय टीम दुर्भाग्य से श्रीलंका के हाथों 6 विकेट से मैच हार गई। इस मैच में हार का ठीकरा युवराज की धीमी बल्लेबाजी पर फोड़ा गया। लेकिन क्या युवराज उस हार के दोषी थे? इस पर अभी भी चर्चाओं का बाजार गर्म रहता है। बहरहाल भारतीय टीम एक बार फिर से विश्व कप टी20 के मुहाने पर खड़ा है। ऐसे में क्या युवराज अपने माथें पर लगा कलंक धो पाएंगे। खैर ये तो वक्त ही तय करेगा।