वीवीएस लक्ष्मण आज 42 साल के हो गए हैं
वीवीएस लक्ष्मण आज 42 साल के हो गए हैं

नवंबर माह की पहली तारीख सन 1974 को भारत के एक महान कलात्मक बल्लेबाज वेंगीपुरप्पु वेंकटा साई लक्ष्मण का जन्म हुआ, लेकिन लोग इनको इस नाम से नहीं बल्कि वीवीएस लक्ष्मण के नाम से जानते हैं। ऑस्ट्रेलियाई उन्हें वीवीएस लक्ष्मण के नाम से पुकारते हैं। इस कलात्मक बल्लेबाज ने भारत के लिए लगभग 16 साल तक क्रिकेट खेला और सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली जैसे बल्लेबाजों के टीम में रहते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। ये चारों खिलाड़ी एक साथ ‘फैब फोर’ के नाम से जानें गए। अपनी कलात्मक बल्लेबाजी से उन्होंने अपने दौर में सभी का मन मोहा। बहुत से लोगों का मानना था कि स्ट्रोकप्ले के मामले में उनका एलीगेंस सचिन तेंदुलकर से भी बेहतर था। कम से कम ऑस्ट्रेलियाई टीम इस बात को कभी ना नहीं कहेगी। लक्ष्मण के 42वें जन्मदिन पर क्रिकेटकंट्री आपके लिए लाया है लक्ष्मण से जुड़े कुछ अनकहे किस्से।

1. राष्ट्रपति कनेक्शन:

आईबीएन खबर के अनुसार क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले वीवीएस लक्ष्मण के बारे में यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के भतीजे हैं। लक्ष्मण के इस कनेक्शन की जानकारी उनके बड़े से बड़े प्रशंसक को भी शायद ही पता हो।

2. वेरी- वेरी स्पेशल टाइटल:

लक्ष्मण ने अपने दौर की सबसे मजबूत मानी जानें वाली टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हमेशा बड़े स्कोर बनाए। 2001 में कोलकाता टेस्ट में खेली गई लक्ष्मण की पारी ने उनको इंटरनेशनल क्रिकेट में एक नए मुकाम तक पहुंचाया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ी पारियां खेलने का सिलसिला उन्होंने 2000 में सिडनी टेस्ट में167 रनों की पारी के साथ ही शुरू कर दिया था। ऐसा माना जाता है कि ‘वेरी वेरी स्पेशल’ टाइटल उन्हें ब्रेट ली ने दिया था लेकिन लक्ष्मण जो की क्रिकेटकंट्री के मेंटोर भी हैं ने बताया था कि उन्हें यह नाम इयान चैपल ने दिया था।

3. डॉक्टरी छोड़ थामा क्रिकेट का दामन:

लक्ष्मण डॉक्टरी परिवार से ताल्लुक रखते हैं और वह खुद ही पढ़ाई लिखाई में बहुत तेज थे। उनके माता- पिता दोनों ही डॉक्टर हैं, लक्ष्मण ने भी मेडिकल छात्र के रूप में दाखिला लिया था लेकिन उन्होंने डॉक्टरी को छोड़ एक क्रिकेटर बनने का फैसला लिया और क्रिकेट को एक बेहद ही स्टाइलिश बल्लेबाज देखने को मिला।

4. ‘डक’ कनेक्शन:

वीवीएस लक्ष्मण के करियर में डक( शून्य) का भी अनोखा संयोग है। लक्ष्मण अपने जब फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था तो वह डक पर आउट हुए थे। इसी तरह वनडे क्रिकेट में भी डेब्यू के दौरान उन्होंने शून्य का स्कोर बनाया था। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने इस सिलसिले को तोड़ दिया और 1996 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में 11 और दूसरी पारी में 51 रनों की पारी खेली। यह लक्ष्मण की पारी ही थी जिसकी बदौलत भारत ने उस टेस्ट में साउथ अफ्रीका को 64 रनों से हरा दिया था। [Also Read: वीवीएस लक्ष्मण के जन्मदिन पर वीवीएस की पांच सबसे यादगार पारियां]

5. कभी नहीं खेले विश्व कप:

100 से ज्यादा टेस्ट खेलने वाले लक्ष्मण के करियर में एक कमी भी है। वह कभी भी भारत के लिए विश्व कप नहीं खेल सके। 100 टेस्ट खेलने वाला यह खिलाड़ी सिर्फ 86 वनडे मैचों में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर पाया। 2003 में जब लक्ष्मण को विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी तो ऑस्ट्रेलिया विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने भारतीय चयनकर्ताओं पर कमेंट करते हुए कहा था कि जब भी वह हमारे खिलाफ खेलते हैं, वह कुछ अलग करते हैं, मगर सीरीज के बाद उनके बारे में अगली चीज पढ़ने को मिलती है कि उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया है।

6. शुद्ध शाकाहारी:

हैदराबाद को इसकी बिरयानी और नवाबी खान पान के लिए जाना जाता हैं, लेकिन लक्ष्मण शुद्ध शाकाहारी हैं। उनको घर पर बना खाना पसंद है, खासकर साउथ इंडियन स्टाइल में बनाया गया ‘रसम'(एक डिश) बेहद पसंद है। [Also Read: जन्मदिन विशेष: भारतीय खिलाड़ियों ने लक्ष्मण को भेजे बधाई संदेश]

7. एक हफ्ते में 3 वनडे शतक:

अपने पूरे करियर में लक्ष्मण को वनडे क्रिकेट के अनुकूल नहीं माना गया, लेकिन फिर भी उन्होंने वनडे क्रिकेट में एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया है जो बहुत से बल्लेबाज पूरे करियर में हासिल नहीं कर पाए। लक्ष्मण के नाम एक सप्ताह में 3 शतक जमाने का कारनामा अंजाम दिया। उन्होंने 18 जनवरी 2004 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन में 103* रनों की पारी खेलने के 4 दिन बाद एक बार कंगारू टीम के खिलाफ ही एक बार फिर 106 रनों की पारी खेली। 24 जनवरी को उन्होंने 7 दिनों के भीतर तीसरा शतक बनाते हुए जिंबाब्वे के खिलाफ 131 रनों की पारी खेल कर यह अनोखा कारनामा अंजाम दिया।

8. 281 रनों की पारी और बदल गई किस्मत:

वीवीएस लक्ष्मण ने अपने दूसरे शतक से ही क्रिकेट जगत में अपनी छाप छोड़नी शुरू कर दी थी। 2001 एक में कोलकाता टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने फॉलोआन खेलते हुए 281 रनों की पारी खेली। इस पारी के बाद लक्ष्मण को बेहतरीन टेस्ट खिलाड़ियों में गिना जाने लगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस खिलाड़ी से खौफ खाने लगी। विजडन ने इस पारी को टेस्ट क्रिकेट की 100 सबसे बेहतरीन पारियों में छठें नंबर पर रखा था।