सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग © AFP
सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग © AFP

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि एक समय भारत टी20 क्रिकेट खेलने को लेकर अपनी सहमति पूरी तरह से नहीं दे रहा था। पहले 9 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच 9 टेस्ट खेलने वाले देशों के बीच खेले गए(इनमें जिम्बाब्वे और बांग्लादेश भी शामिल थे)। लेकिन भारत को अभी टी20 खेलना बाकी था। हालांकि, जब भारत को अपना पहला टी20 खेलना था तो वे कुछ हद तक चौकस थे। न्यू वांडरर्स में खेले जाने वाले पहले टी20 मैच के पहले सचिन तेंदुलकर ने 132 टेस्ट मैच टेस्ट मैच और 373 वनडे मैच खेले थे। कुल मिलाकर उन्होंने 373 वनडे मैच खेले थे। इसके पहले उन्होंने उस साल की शुरुआत में वानखेड़े में खेले गए टेस्ट मैच के साथ ही स्टीव वॉ के सर्वाधिक 493 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। भारत को उस टेस्ट में 212 रनों से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। सचिन अपने घरेलू मैदान पर नकारा साबित हुए थे और चौथी पारी में शॉन उडाल के सामने हथियार डालते नजर आए थे।

तीन घंटे में बन गया इतिहास

भारत ने साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया। भारत को पहले अभ्यास मैच में शेष दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 37 रनों से हार का सामना करना पड़ा। पहला वनडे जो वांडरर्स में खेला जाना था वहां बारिश हो गई इसलिए एक भी गेंद भी नहीं फेंकी जा सकी। लेकिन अगले तीन वनडे मैचों में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को हराया। उन्होंने किंग्समीड में 157 रनों से, न्यूलैंड्स में 106 रनों से और सेंट जॉर्ज्स पार्क में 80 रनों से भारत को शिकस्त दी। भारत को कोई मौका नहीं मिला। अब टी20 मैच खेलने के लिए राहुल द्रविड़, जो कप्तान थे, उन्होंने खुद को मैच में खिलाने से इंकार कर दिया। और वीरेंद्र सहवाग भारत के पहले टी20 कप्तान बने। वांडरर्स की पिच में हरियाली छाई हुई थी और आसमान में छिटपुट बादल थे। लेकिन इस सबके बावजूद ग्रीम स्मिथ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज करने का फैसला किया और लूट्स बोसमेन के साथ ओपनिंग करने को आ गए।

जहीर खान ने एक उत्कृष्ट ओवर के साथ शुरुआत की। लेकिन स्मिथ ने आनन- फानन में रन रेट बढ़ा दिया। उन्होंने श्रीसंथ द्वारा फेके गए दूसरे ओवर से 13 रन ले डाले। तीसरे ओवर की अंतिम गेंद जो ऑफ स्टंप के बाहर जा रही थी उससे बोसमेन ने छेड़खानी का प्रयास किया और सचिन तेंदुलकर ने उनका कैच पहली स्लिप पर पकड़ लिया। जैसा कि जहीर खान बेहतरीन गेंदबाजी कर रहे थे, तो साउथ अफ्रीका का स्कोर 5 ओवरों में 31/2 हो गया। इसी बीच सहवाग अजीत अगरकर को लेकर आए। पहली गेंद ऑफ स्टंप के काफी बाहर थी गिब्स ने गेंद का पीछा किया और स्ट्रोक जड़ा लेकिन गेंद हवा में उछली और सीधे सुरेश रैना के हाथों में समा गई जो कवर्स पर फील्डिंग कर रहे थे। अगरकर- उस समय भारत के सबसे बेहतरीन लिमिटेड ओवर गेंदबाज थे। उन्होंने अपने पहले टी20 विकेट को पहली गेंद पर मुकम्मल किया।

जहीर ने अपना कोटा पूरा किया लेकिन अपने ‘बनी’ स्मिथ को आउट किए बगैर नहीं। जहीर का गेंदबाजी प्रदर्शन 4-0-15-2 रहा जो बेहतरीन था। एबी डीविलियर्स जिन्होंने कुछ सालों पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम ही रखा था उन्होंने अगरकर की गेंद पर अपरकट लगाते हुए छह रन बटोरे। लेकिन दो ओवरों बाद ही अगरकर ने डीविलियर्स को फांस लिया और गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुई सीधे एमएस धोनी के दस्तानों में समा गई। अब जिम्मेदारी जस्टिन कैंप पर आई जिन्होंने इरफान पठान की तीन गेंदों पर दो चौके जड़ दिए। लेकिन इसी दौरान अगरकर घायल हो गए, इसके बाद वह मैदान पर लौटकर नहीं आए। उनका गेंदबाजी प्रदर्शन 2.3-1-10- 2 रहा। अगरकर की जगह सचिन गेंदबाजी के लिए आए। सचिन की पहली गेंद पर कैंप ने चौका जड़ दिया। 12वें ओवर के आसपास मैदान में थोड़ा बूंदाबांदी होने लगी थी। लेकिन इसके बावजूद सचिन ने एक बेहतरीन गेंद फेंकी जो कैंप के सीधे पैड पर लगी। अंपायर ने अपनी अंगुली उठा दी और इस तरह सचिन ने अपने पहले टी20 मैच में ही पहला विकेट हासिल कर लिया।

बाद में एल्बी मोर्कल ने अंतिम ओवरों में 3 छक्के जड़े और 18 गेंदों में 27 रन बना डाले। जोहान वान डर वाथ ने ये सुनिश्चित किया कि दक्षिण अफ्रीका पूरे ओवर खेले। इसी बीच हरभजन सिंह ने नो बॉल फेंकी और अंपायर ने पहले फ्री हिट का इशारा किया जो तब तक किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए नई बात थी। पीटरसन ने एक स्लॉग शॉट इस गेंद पर खेला लेकिन लॉन्ग ऑन पर खड़े दिनेश कार्तिक ने उन्हें कैच कर लिया। इसी बीच पीटरसन पूरी तरह से फ्री हिट के बारे में भूल गए और पिच क्रॉस कर ली और इसी बीच दिनेश कार्तिक का थ्रो आया और हरभजन ने गिल्लियां बिखेर दीं। सहवाग ने सचिन को अंतिम ओवर फिकवाने के लिए बुलाया।

दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवरों में 9 विकेट पर 126 रन बनाए। न्यू वांडरर्स की पिच पर यह स्कोर प्रतिस्पर्धी था। यह इसलिए भी क्योंकि भारतीय टीम उस सीजन में दक्षिण अफ्रीका को एक भी मैच नहीं हरा पाई थी।

भारतीय टीम को सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग ने सावधानीपूर्वक और विश्वास के साथ शुरुआत दी। दोनों ने पहले तीन ओवरों में आपस में 17 रन जोड़े। दूसरे ओवर की अंतिम गेंद नो बॉल थी, जिस पर फ्री हिट मिली। अगली गेंद पर सचिन ने बड़ा स्ट्रोक जड़ने की कोशिश की और किनारा लेती हुई गेंद एबी डीविलियर्स के पास गई लेकिन उससे कोई फर्क नहीं पड़ा। अब चौथा ओवर आया। इस ओवर में सचिन ने दो चौके जड़े। लेकिन ओवर की पांचवीं गेंद पर वह बोल्ड हो गए। भारत को पावरप्ले की समाप्ति पर 98 गेंदों में 84 रनों की दरकार थी। स्मिथ ने अपना पहला मैच खेल रहे टायरॉन हेंडरसन को आक्रमण में लगाया। सहवाग ने उनके ओवर में एक छक्का और एक चौका जड़ा।

इसके बाद उन्होंने टेलेमकस और एंडरसन की गेंदों पर फिर से चौके जड़े। इस तरह लक्ष्य 66 गेंदों में 67 रनों की रह गया। लेकिन इसी बीच मोंगिया और सहवाग के बीच गलतीफहली हो गई और सहवाग 34 रन बनाकर रन आउट हो गए। इस तरह भारत का दूसरा विकेट 9.3 ओवरों में 60/2 के स्कोर पर गिर गया। इसके कुछ देर बाद धोनी शून्य रन बनाकर चलते बने। लेकिन मोंगिया नहीं रुके और उन्होंने अपने स्ट्रोक खेलने जारी रखे। इसी बीच उन्होंने एल्बी मॉर्केल की गेंद पर लॉफ्टेड कवर ड्राइव जड़ा जो सीधे छह रन के लिए गया। ये सबसे आकर्षक था। लेकिन इसी बीच मोर्कल और टेलेमकस ने कसी हुई गेंदबाजी की और अब भारत को 29 गेंदों में 24 रन चाहिए थे।

लेकिन इसी बीच दिनेश कार्तिक ने कमाल दिखाया और टेलेमकस के ओवर में छक्का जड़ दिया और इस तरह टीम इंडिया को 18 गेंदों में 19 रनों की दरकार थी। रॉबिन पीटरसन का अभी भी स्मिथ ने इस्तेमाल नहीं किया था। अब स्मिथ उन्हें लेकर आए। मोंगिया ने उनकी पहली गेंद को स्वीप करने का प्रयास किया और दूसरी को रिवर्स स्वीप करने का प्रयास किया लेकिन दोनों ही मौकों पर नाकामयाब रहे। अगली गेंद मोंगिया ने हवा में खेल दी और लैंगवेल्ट ने कैच पकड़ लिया। इस तरह मौंगिया 38 रन बनाकर चलते बने। अब टीम इंडिया को 12 गेंदों में 16 रनों की दरकार थी।

वांडर वाथ ने अपनी पहली गेंद वाइड फेंकी। और उसने कार्तिक समेत डीविलियर्स को भी बीट किया और इस तरह तीन रन फ्री के मिल गए। वाथ ने फिर से वापसी की और अंतिम 5 गेंदों पर सिर्फ 3 रन दिए और अब भारत को 6 गेंदों में 9 रन बनाने थे। अंतिम ओवर पीटरसन लेकर आए। पहली गेंद उन्होंने ऑफ और मिडिल पर फेकी। कार्तिक अपने घुटनो पर झुके और स्लॉग स्वीप खेल दिया और चौका मिल गया। इसके बाद ओवर में कार्तिक ने छक्का जड़ दिया और अंततः भारत को मैच 6 विकेट से जितवा दिया।

संक्षिप्त स्कोर: दक्षिण अफ्रीका 126/9, 20 ओवर(एल्बी मोर्कल 27, जहीर खान 15/2, अजीत अगरकर 10/2), भारत 127/4 (वीरेंद्र सहवाग 34, दिनेश मोंगिया 38, दिनेश कार्तिक 31*; चार्ल्स लेंगवेल्ट 20/2) भारत ने 1 गेंद शेष रहते हुए मैच जीत लिया।