वसीम अकरम(बाएं), वकार युनुस(दाएं) पाकिस्तान गेंदबाजी की एक दशक तक धुरी रहे © Getty Images
वसीम अकरम(बाएं), वकार युनुस(दाएं) पाकिस्तान गेंदबाजी की एक दशक तक धुरी रहे © Getty Images

पाकिस्तान क्रिकेट टीम को भारतीय क्रिकेट टीम के हाथों हार कभी भी स्वीकार्य नहीं रही। इसके पीछे जो कारण हैं वो तो है ही, लेकिन आपको शायद ही पता हो कि 1999 में भारत के हाथों टेस्ट मैच हारने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट के ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के बीच इस कदर गर्मा-गर्मी बढ़ गई थी कि वे एक-दूसरे को फूटी आंखों नहीं सुहा रहे थे। इसका जिक्र पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘कंट्रोवर्सियल योर्स’ में किया है। शोएब अख्तर ने लिखा है कि यह वाकया वर्ष 1999 का है जब पाकिस्तान टीम भारत में टेस्ट मैच खेल रही थी। दिल्ली में खेले गए टेस्ट मैच में पाकिस्तान टीम को भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जिसमें वकार युनुस बिल्कुल भी प्रभाव नहीं छोड़ पाए और दोनों पारियों में उनके हाथ कोई भी विकेट नहीं लगा। ये भी पढ़ें: ब्रेंडन मैक्कुलम: अपनी आतिशी बल्लेबाजी से दुनिया भर को मुरीद बनाने वाला क्रिकेट का सितारा

टीम के कप्तान वसीम अकरम इस बात को लेकर बुरी तरह से झल्ला गए और टीम के दो वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच तकरार शुरू हो गई। शोएब अख्तर आगे लिखते हैं कि अगले कुछ दिनों में एशियन टेस्ट चैंपियनशिप शुरू होने वाली थी और अब अफवाह उड़ने लगी कि वकार को स्वदेश वापस भेज दिया जाएगा। शोएब लिखते हैं कि ड्रेसिंग रूम के भीतर इतना तनाव उन्होंने कभी नहीं देखा था। आखिरकार एशियन टेस्ट चैंपियनशिप में वकार की जगह शोएब को मौका दिया गया और शोएब ने कप्तान के भरोसे पर खरा उतरते हुए गजब का प्रदर्शन किया और अपनी धारदार गेंदबाजी की दम पर भारतीय बल्लेबाजी क्रम को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया और एशियन टेस्ट चैंपियनशिप का पहला मैच पाकिस्तान ने अपने नाम किया। इसी मैच में भारत के जवागल श्रीनाथ ने पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में आठ विकेट लिए थे, लेकिन श्रीनाथ का जादुई प्रदर्शन भी भारत की हार को नहीं टाल पाया और भारत को पाकिस्तान के हाथों 46 रनों से हार का सामना करना पड़ा। ये भी पढ़ें: जानें ब्रेंडन मैक्कुलम के बारे में 10 रोचक बातें

एक दूसरे से नफरत करते थे वकार और अकरम: अगर पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास के टॉप गेंदबाजों की सूची निकाली जाए तो उनमें वकार और अकरम का नाम जरूर होगा। इनमें से एक गेंद को अनोखे ढंग से स्विंग कराने में माहिर था तो दूसरा स्विंग के साथ-साथ यॉर्कर डालने में। लेकिन यह भी कटु सत्य है कि ये दोनों महान गेंदबाज एक दूसरे को फूटी आंखों पसंद नहीं करते थे। वसीम अकरम ने ही एक बार बताया था कि वह वकार से इस कदर नफरत करते थे कि वे दोनों एक दूसरे से बात तक नहीं करते थे। वह पेशेवर प्रतिद्वंदिता थी जिसके कारण उन्हें और भी अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलती थी। अकरम ने बताया कि जब भी वकार विकेट लेते थे तब उनमें एक प्रकार की ऊर्जा आ जाती थी और वे अपने खेल को लेकर बेहद संजीदा हो जाते थे। ये भी पढ़ें: क्रिकेट के बड़े विवाद, जिसने हिला दिया विश्व क्रिकेट को

वसीम और वकार के बीच के मनमुटाव ने विश्व कप 2003 में और भी भयानक रूप ले लिया था जब वकार को पाकिस्तान टीम का कप्तान बनाया गया। इस दौरान दोनों तेज गेंदबाज इंजमाम उल हक के सहारे एक-दूसरे से बातचीत किया करते थे। शायद टीम में इंजमाम ही एक ऐसे खिलाड़ी थे जो दोनों के करीबी थे। जब भी अकरम को फील्डिंग में परिवर्तन चाहिए होता था तो वे अपनी बात स्लिप में लगे इंजमाम उल हक तक पहुंचाते थे और फिर इंजमाम वह बात आगे वकार तक पहुंचाते थे। शाहिद अफरीदी भारत के खिलाफ मैच के दौरान गेंदबाजी कर रहे थे और जब उनके हिसाब से कप्तान ने उन्हें फील्डिंग नहीं दी तो उन्होंने अकरम से इसकी शिकायत की और जब बात नहीं बनीं तो ऑफ साइ़ड फील्डिंग लगी होने के बावदूद उन्होंने लेग साइड में गेंदबाजी की। दोनों पाकिस्तान के जाबांज गेंदबाजों ने विश्व कप 2003 के बाद विश्व क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। अब ये क्रिकेट के मैदान के बाहर अपनी टीम को सपोर्ट कर रहे हैं।