ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत को खलेगी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की कमी; स्टार्क बन सकते हैं बड़ा अंतर
मिशेल स्टार्क (IANS)

साल 2018 में जब भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती थी, तो टीम इंडिया का शानदार गेंदबाजी अटैक ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई थी। और अब जबकि टीम इंडिया एक बार फिर कंगारू टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलने वाली है तो नजरें एक बार फिर भारतीय गेंदबाजी अटैक पर होंगी। लेकिन इस बार ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर टीम इंडिया को एक बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की कमी खलेगी।

ऐसा कहना है पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज इरफान पठान का। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, “जब तेज गेंदबाजी की बात आती है तो इसमें कोई शक नहीं है कि दोनों टीमें बराबर की हैं। भारत के पास विश्व स्तरीय तेज गेंदबाजी आक्रमण है। लेकिन मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया थोड़ी सी आगे है क्योंकि वो घर में खेल रही है और मिशेल स्टार्क के रूप में उनके पास बाएं हाथ का तेज गेंदबाज है।”

पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, “बाएं हाथ का गेंदबाज विविधता प्रदान करता है, साथ ही दाएं हाथ के बल्लेबाज को अक्रॉस एंगल से गेंद डालता है। मुझे हालांकि लगता है कि ये बहुत थोड़ा सा फायदा है, लेकिन फायदा तो निश्चित तौर पर है।

बाएं हाथ के भारतीय तेज गेंदबाजों ने अक्सर ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जलवे दिखाए हैं। साल 2004 में जहीर खान हों या  2007-08 इरफान पठान और आरपी सिंह। लेकिन मौजूदा भारतीय टीम के पास कोई खास बाएं हाथ का पेसर नहीं हैं।जयदेव उनादकट, खलील अहमद, बरिंदर सिंह सरण, श्रीनाथ अरविंद या घरेलू स्टार अनिकेत चौधरी मौका मिलने पर अपना प्रभाव नहीं छोड़ सके।

भारतीय टीम में इस समय सभी दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं और इसी मामले वो मेजबान ऑस्ट्रेलिया से पीछे हैं। खासकर तब जब स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर की वापसी हुई है और मार्नस लाबुशाने बेहतरीन फॉर्म में हों। भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज में मिशेल स्टार्क दोनों टीम के बीच बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।