आज के दिन इंग्लैंड ने ठीक एक साल पहले न्यूजीलैंड को विवादास्पद बाउंड्री की गिनती वाले नियम के आधार पर हराकर पहली बार विश्व कप जीता था। फाइनल मैच टाई रहा था और इसे तोड़ने के लिए कराया गया सुपर ओवर भी टाई हो गया। जिसके बाद बाउंड्री की संख्या वाले नियम के जरिए इंग्लैंड को विजेता चुना गया।

इंग्लैंड की विश्व कप जीत से संबंधित एक नई किताब में बताया गया है कि स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स (Ben Stokes) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में सुपर ओवर से पहले खुद को तनावमुक्त करने के लिए ‘सिगरेट ब्रेक’ लिया था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के एक साल पूरे होने पर एक किताब ‘’मॉर्गन मेन: द इनसाइड स्टोरी ऑफ़ इंग्लैंड राइज़ ऑफ़ क्रिकेट वर्ल्ड कप ह्यूमिलीऐशन टु ग्लोरी’ में खुलासा किया गया है कि लार्ड्स में उस दिन स्टोक्स कैसे दबाव में थे।

निक हॉल्ट और स्टीव जेम्स द्वारा लिखी गई किताब के कुछ अंश स्टफ.सीओ.एनजेड में प्रकाशित हुए हैं जिसके अनुसार, ‘‘सुपर ओवर से पहले 27,000 हजार दर्शकों से भरे स्टेडियम में और हर तरफ लगी कैमरों की नजर के बीच एकांत ढूंढना मुश्किल था।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘लेकिन बेन स्टोक्स कई बार लार्ड्स में खेल चुका था और इसके चप्पे चप्पे से वाकिफ था। जब इयोन मोर्गन इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम में तनाव कम करने की कोशिश कर रहे थे और रणनीति तैयार करने में लगे थे तो तब स्टोक्स ने अपने लिए शांति के कुछ पल निकाले।’’

किताब के अनुसार, ‘‘वो धूल और पसीने से लथपथ था। उसने तनाव भरे क्षणों में दो घंटे 27 मिनट तक बल्लेबाजी की थी। स्टोक्स ने क्या किया। वो वापस इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम में गया और शॉवर लेने के लिए चला गया। वहां उसने सिगरेट जलाई और कुछ मिनट शांति से बिताए।’’

स्टोक्स को उनकी नाबाद 84 रन की पारी के लिए मैन आफ द मैच चुना गया। उन्होंने सुपर ओवर में भी आठ रन बनाए थे जिससे इंग्लैंड यादगार जीत दर्ज करने में सफल रहा।