भुवनेश्वर कुमार © IANS
भुवनेश्वर कुमार © IANS

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार परिपक्व हो गए हैं क्योंकि वह गुजरते हुए समय के साथ मजबूत होते जा रहे हैं। मौजूदा समय में टीम इंडिया के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक भुवनेश्वर कुमार तेज रफ्तार से गेंद फेंकने के साथ विविधता के साथ गेंद फेंकने में भी माहिर हैं। इसके बावजूद उनकी गेंदबाजी में आज भी वह घातक स्विंग बरकरार है जो उनके डेब्यू के दौरान साल 2012 में देखने को मिली थी। मौजूदा समय में जसप्रीत बुमराह के साथ उनकी साझेदारी कमाल की नजर आती है।

ये दोनों ही गेंदबाज एक घेरा बनाकर विपक्षी टीम का शिकार करते हैं जो खासा बेहतरीन दिखाई देता है। वही कमाल वह मौजूदा न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भी कर रहे हैं। बहरहाल, भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय गेंदबाजी कोच भरत अरुण की तारीफ की है और उन्होंने कहा है कि अरुण ने उन्हें एक परिपक्व गेंदबाज बनाने में मदद की है।

भरत अरुण पर बोले भुवनेश्वर: तीसरे वनडे के पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में भुवनेश्वर ने पीटीआई से कहा, “वह गेंदबाजों को बहुत अच्छी तरह से व्यवस्थित करते हैं। इस स्तर पर आप टेक्निक पर ज्यादा निर्भर नहीं रह सकते। कभी कभार वह कुछ ऐसी चीजें बताते हैं जो आपकी गेंदबाजी को वास्तव में बेहतर बना सकती हैं। उदाहरण के तौर पर मैंने अपना पेस बढ़ाया लेकिन स्विंग खो दी। मुझे नहीं पता था कि इसके लिए अब क्या करूं। उन्होंने कुछ अच्छे प्वाइंट्स बताए और मैंने अपनी स्विंग वापस पा ली। टीम में उनकी भूमिका अमूल्य होगी।

खिलाड़ी के रूप में विकास होने पर: “एक खिलाड़ी के तौरपर मुझे महसूस होता है कि मेरा कद पिछले कुछ सालों में बढ़ा है। मैंने बिना स्विंग गंवाए अपना पेस बढ़ाया है। इसको लेकर मैं बहुत खुश हूं। बल्लेबाजी में भी मैंने सुधार किया है।”

रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मैच पर भुवी की राय: “पिछले कुछ समय से हमे इस तरह की चुनौती नहीं मिली है और यह छोटी सीरीज है। इसलिए आखिरी गेम में दबाव था कि हम सीरीज गंवा सकते हैं। लेकिन जिस अंदाज में हमने वापसी की वह टीम की बेहतरी के बारे में बताता है। कल के मैच में भी हमें दबाव को झेलना होगा। हम जैसा आखिरी मैच में खेले हम वैसे ही खेलने की कोशिश करेंगे।”

तीसरे वनडे से पहले मॉल पहुंचे न्यूजीलैंड क्रिकेटर
तीसरे वनडे से पहले मॉल पहुंचे न्यूजीलैंड क्रिकेटर

सीरीज के बारे में भुवनेश्वर की राय: यह एक छोटी सीरीज है लेकिन मानसिक रूप से यह अन्य सीरीजों की तरह ही है। लेकिन जैसा कि मैंने कहा, हमें हाल फिलहाल में घर में चुनौती नहीं मिली है। इसलिए हर कोई उस चुनौती को लेकर उत्साहित है। पिछली सीरीज में मैं न्यूजीलैंड के खिलाफ जब खेला था तो योजना साफ थी, उनके लिए भी ये वैसा ही है। उन्हें बेहतर तरीके से जानना योजना को कठिन बना देता है। इसलिए ये सकारात्मक भी है और नकारात्मक भी।”