पूर्व दिग्गज एलेस्टेयर कुक ने इंग्लैंड की मौजूदा टेस्ट टीम के कप्तान जो रूट के प्रति सांत्वना दिखाई है चूंकि उनका मानना है कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की रोटेशन पॉलिसी की वजह से ये टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पा रही है।

दरअसल खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम देने के लिए लागू की गई इस पॉलिसी की वजह से कई मैचों में कप्तान रूट मैदान पर अपनी सबसे मजबूत प्लेइंग इलेवन उतार पाने में असफल रहे हैं।

ईसीबी ने खिलाड़ियों को कोरोनोवायरस महामारी के बीच अंतरराष्ट्रीय खेल को जारी रखने के लिए जरूरी बायो सिक्योर बबल में लंबे समय रहने के दबाव से बचाने के लिए इस पॉलिसी की इस्तेमाल किया है।

लेकिन इसके चलते विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर लगातार पांच टेस्ट से बाहर रहे। जिसके पीछे रोटेशन पॉलिसी के साथ इंडियन प्रीमियर लीग में बटलर की प्रतिबद्धता भी एक कारण थी। जिसके बाद कई लोगों ने इस नीति के कार्यान्वयन पर सवाल उठाया है।

सोमवार को चांस टू शाइन चिल्ड्रन क्रिकेट चैरिटी के साथ यॉर्कशायर टी नेशनल क्रिकेट वीक में हिस्सा ले रहे कुक ने कहा, “आपको मानना होगा कि इस पॉलिसी ने रूट के लिए काम नहीं किया है, और मुझे वास्तव में उसके लिए दुख है।”

पूर्व कप्तान ने कहा, “जब आप इंग्लैंड के लिए खेल रहे होते हैं, या आप कप्तान, कोच या चयनकर्ता होते हैं, तो आपको ज्यादातर समय नतीजों के आधार पर आंका जाता है और उसके पास अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी उपलब्ध नहीं होते हैं। आप बेन (स्टोक्स) के अनुभव को नहीं खरीद सकते। स्टोक्स, जोस बटलर, जॉनी बेयरस्टो, मोईन अली- इस तरह के खिलाड़ी बड़ा बदलाव लाते हैं।”