cricket australia s ball tampering probe was a joke says david warner s manager
डेविड वॉर्नर ©Twitter

क्रिकेट की दुनिया में एक बार फिर ‘बॉल टैम्परिंग’ कांड पर चर्चा गरम हो गई है. हाल ही में इस कांड में शामिल ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कैमरन बेनक्राफ्ट (Cameron Bencraft) ने इस कांड पर नया बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि बॉल टैम्परिंग पर बाकी खिलाड़ियों को पहले से ही पता था. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक बार फिर इस पर भूचाल आ गया है. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट से जुड़ कई दिग्गज इस मुद्दे पर फिर अपनी राय रख रहे हैं. इस बीच ओपनिंग बल्लेबाज डेविड वॉर्नर (David Warner) के मैनेजर जेम्स एर्स्काइन (James Erskine) ने बयान दिया है कि तब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने इस मामले की जो जांच की थी वह एक मजाक था.

साल 2018 में ऑस्ट्रेलियाई टीम स्टीव स्मिथ (Steve Smith) की कप्तानी में साउथ अफ्रीका दौरे पर थी. यहां केपटाउन टेस्ट के दौरान कैमरन बेनक्राफ्ट मैदान पर सैंडपेपर (रेगमाल) से बॉल टैम्परिंग करते नजर आए थे. इस घटना ने क्रिकेट को शर्मसार किया था, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपने कप्तान स्मिथ, उपकप्तान डेविड वॉर्नर और बेनक्राफ्ट को टीम से हटा दिया था. इसके बाद वॉर्नर और स्मिथ पर एक-एक साल और बेनक्राफ्ट पर 9 महीने का बैन लगाया गया.

इसके बाद बेनक्राफ्ट ने हाल ही इस मसले पर एक बार फिर बात की और बताया कि यह बात सिर्फ इन तीन खिलाड़ियों के ही बीच नहीं थी बल्कि टीम के अन्य खिलाड़ी और स्टाफ यह जानते थे कि वह बॉल टैम्परिंग करने वाले हैं. अब डेविड वॉर्नर के मैनेजर ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा की गई कार्रवाई का मजाक बताया है.

जेम्स एर्स्काइन ने कहा 2018 में इस मामले की छानबीन के दौरान क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सभी खिलाड़ियों से पूछताछ तक नहीं की और कप्तान स्मिथ और उपकप्तान वॉर्नर और बेनक्राफ्ट पर बैन लगा दिया. एर्स्काइन ने कहा कि उन्हें इस मामले का पूरा सच मालूम है, जो एक न एक दिन बाहर आएगा ही.

सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘जो रिपोर्ट उन्होंने बनाई थी, उसके लिए सभी से पूछताछ नहीं की गई. पूरे मामले को बहुत ही खराब ढंग से अंजाम दिया गया. यह एक मजाक था. लेकिन एक न एक दिन पूरा सच, कुछ और नहीं सिर्फ सच बाहर आकर ही रहेगा. लेकिन ऑस्ट्रेलियाई लोगों को इससे निराशा होगी क्योंकि तब उन्होंने अच्छा व्यवहार नहीं दिखाया था.’