पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान इयान चैपल (Ian Chappell) ने गेंदबाजों के हालात पर चिंता जताई है. इयान चैपल के मुताबिक बेहतर बल्ले और छोटी बाउंड्री के संयोजन से गेंदबाज अब बॉलिंग मशीन बनकर रह गए हैं. इयान चैपल ने अफसोस जताते हुए कहा कि खेल के प्रशासकों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि टी20 प्रारूप में मुख्य रूप से ओस के कारण टॉस पर निर्भर नहीं रहा जा सकता, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, “प्रशासकों को बल्ले और गेंद दोनों के बीच संतुलन बनाने के तरीके खोजने के साथ क्रिकेट के मूल्यों के बारे में प्रशंसकों को बताने की जरूरत है. यह ठीक है जब कोई खिलाड़ी अच्छी गेंदों पर शॉट लगाते है लेकिन गेंदबाजों को गुस्सा तब आता है जब अच्छी गेंदों पर भी किसी तरह से गेंद बांउड्री पार हो जाती है. यह समस्या बड़े ऑस्ट्रेलियाई मैदानों पर देखने को नहीं मिलती है.”

चैपल ने रविवार को ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, “यह संयोजन गेंदबाजों के लिए परेशानी का सबब है, इसे तुरंत सुधारने की जरूरत है.” साथ ही, चैपल का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया का पहली बार टी20 विश्व कप का खिताब जीतने में टॉस का अहम रोल रहा.

बता दें कि टी20 विश्व कप-2021 में 45 मैचों में से 29 में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम विजयी हुई. सेमीफाइनल और फाइनल दोनों पक्षों ने दूसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए जीते. टी-20 विश्व कप में ‘टॉस बनी बॉस’ एक बड़ा मुद्दा बना रहा और खेल समीक्षक के अलावा प्रशंसक भी इस बात पर जोर देते दिखे कि जो टीम टॉस जीतेगी, वह निश्चित तौर पर पहले क्षेत्ररक्षण चुनेगी, क्योंकि बाद में ओस गिरने से बॉलिंग करना मुश्किल हो रहा था. सुपर-12 राउंड में भी अधिकतर मैचों में देखने को मिला कि जो टीम टॉस की बॉस बनी, उसकी जीत तय हुई.