India vs Sri Lanka, 3rd T20I: श्रीलंका की टीम ने आज सीरीज के तीसरे और अंतिम मुकाबले में भारत पर सात विकेट से जीत दर्ज कर 2008 के बाद पहली बार किसी भी फॉर्मेट में भारत को मात दी है. यह पहला मौका है जब श्रीलंका की टीम भारत को टी20 सीरीज हरा पाई है. आज 82 रन के बचाव करने उतरी धवन की टीम को पांच ओवर पहले ही शिकस्‍त झेलनी पड़ी. आइये हम आपको भारत की हार के पांच कारणों के बारे में बताते हैं.

रुतुराज गायवाड का फीका प्रदर्शन: चेन्‍नई सुपर किंग्‍स के स्‍टार बल्‍लेबज रुतुराज गायकवाड से उम्‍मीद थी कि मुश्किल वक्‍त में वो भारत के लिए ओपनिंग में अहम जिम्‍मेदारी निभाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका. पिछले मैच में 21 रन बनाने वाले गायकवाड आज 14 रन ही बना पाए.

देवदत्‍त पडीक्‍कल में नहीं दिखी आईपीएल वाली बात: देवदत्‍त पडीक्‍कल ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलते हुए एक के बाद एक धांसू पारियां खेली हैं, लेकिन अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में जब उन्‍हें मौका मिला तो वो इसका फायदा उठा पाने में फैल रहे. पिछले मैच में 29 रन बनाने वाले पडीक्‍कल आज नौ रन ही बना पाए.

 

 

शिखर धवन रन बनाने में हुए फैल: दूसरे टी20 मुकाबले में धवन की  42 गेंदों पर 40 रन की धीमी पारी खेलने के लिए आलोचना हुई थी. आज भी उनपर दबाव साफ नजर आया. शिखर धवन आज खाता तक नहीं खोल पाए.

संजू सैमसन का फ्लॉप शो: संजू सैमसन को बड़ी मशक्‍कत के बाद अंतरराष्‍ट्रीय टीम में मौका मिला, लेकिन वो इसे भुना पाने में पूरी तरह से फैल रहे. आज जब टीम को संजू सैमसन की सबसे ज्‍यादा जरूरत थी वो अपना खाता तक नहीं खोल पाए.

वनिंदू हसरंगा की आंधी: वनिंदू हसरंगा की आंधी के सामने आज भारतीय बल्‍लेबाजी क्रम तहस-नहस हो गया. महज 36 रन पर ही भारत के शुरुआती पांच बल्‍लेबाज आउट हो चुके थे. भारत केवल पांच बल्‍लेबाजों के साथ ही मैदान में उतरने को मजबूर था.

राहुल चाहर को नहीं मिला किसी का साथ: महज 82 रन के छोटे लक्ष्‍य का बचाव करने के दौरान स्पिनर राहुल चाहर ने श्रीलंका के सभी तीन बल्‍लेबाजों को आउट किया. लक्ष्‍य बेहद छोटा था हालांकि इसके बावजूद दूसरे छोर पर उन्‍हें किसी अन्‍य गेंदबाज का साथ मिलता तो श्रीलंका के लिए 82 रन बनाने भी भारी पड़ सकते थे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.