साल 2021 में भारत ने ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर शानदार जीत दर्ज की थी. टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले की दूसरी पारी में 36 रन पर ऑलआउट होने वाली टीम इंडिया ने उलटवार करते हुए ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर 2-1 से शिकस्त दी थी. यह भारतीय टीम की सबसे बड़ी सफलता में से एक है, जिसे क्रिकेट इतिहास का सुनहरा अध्याय भी माना जाता है.

दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मैच ड्रॉ रहा था, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी में 8 विकेट से जीत दर्ज की. मेलबर्न में खेले गए अगले मुकाबले में टीम इंडिया ने पलटवार करते हुए 8 विकेट से मुकाबला अपने नाम करके सीरीज को बराबरी पर ला दिया.

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर चोटों से परेशान भारतीय टीम ने रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) और हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) के संघर्ष की बदौलत मुकाबले को ड्रॉ करवाने में सफलता हासिल की, जिसके बाद अंतिम टेस्ट में रिषभ पंत (Rishabh Pant) ने यागदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को 3 विकेट से जीत दिलाकर गाबा का घमंड तोड़ दिया.

सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने इस सीरीज को याद करते हुए कहा, ‘‘पिछले साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में भारत की जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी सफलता में से एक मानी जाएगी. अपने सबसे कम टेस्ट स्कोर 36 रन पर आउट होने के बाद मनोबल को उठाना और फिर एक बड़ी टीम को उसकी घरेलू सरजमीं पर हराना खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प के अलावा कप्तान, कोच रवि शास्त्री और उनके समर्थन समूह द्वारा निभाई गई नेतृत्व भूमिकाओं को दर्शाता हैं. ’’

पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मुझे इस दौरान वहां मौजूद रहने और भारतीय क्रिकेट के इतिहास के एक सुनहरा अध्याय को देखने का सौभाग्य मिला.’’