×

‘अंपायर का फैसला मानना होगा, मैदान छोड़कर लौटना स्वीकार्य नहीं’ वॉटसन ने की रिषभ पंत की खिंचाई

रिषभ पंत अंपायर के फैसले से नाराज होकर नोबॉल विवाद के दौरान रॉवमैन पावेल और कुलदीप यादव को वापस डगआउट में लौटने का ईशारा करते हुए नजर आए थे. वॉटसन इस फैसले से खुश नहीं थे.

दिल्‍ली कैपिटल्‍स (Delhi Capitals) के सहायक कोच शेन वॉटसन (Shane Watson) ने राजस्‍थान रॉयल्‍स के खिलाफ मैच के दौरान आखिरी ओवर में उपजे नोबॉल विवाद पर अपनी चुप्‍पी तोड़ी. जब यह वाक्‍या हुआ तब वॉटसन स्‍वयं भी काफी उग्र नजर आ रहे थे लेकिन मैच के बाद उनका कहना है कि दिल्‍ली कैपिटल्‍स (DC vs RR) को शांति से अंपायर के फैसले का सम्‍मान करना चाहिए था. इस हाई-स्‍कोरिंग मैच में रिषभ पंत (Rishabh Pant) की टीम को 15 रन के मामूली अंतर से शिकस्‍त झेलनी पड़ी. रॉवमैन पावेल ने आखिरी ओवर की पहली तीन गेंद पर छक्‍का जड़कर जीत की उम्‍मीद बढ़ाई थी लेकिन अंत में राजस्‍थान ने बाजी मार ली.

विवादित नोबॉल प्रकरण के दौरान रिषभ पंत रॉवमैन पावेल और कुलदीप यादव को बल्‍लेबाजी छोड़कर वापस डगआउट में आने का ईशारा करते नजर आए. वाटसन ने मैच के बाद कहा, ‘‘देखिए, उस आखिरी ओवर में जो हुआ वह बहुत निराशाजनक था. दिल्‍ली कैपिटल्स अंतिम ओवर में जो कुछ हुआ उसका समर्थन नहीं करता है.’’

‘‘अंपायर का फैसला, चाहे वह सही हो या गलत, हमें स्वीकार करना होगा. किसी का मैदान पर चले जाना, यह स्वीकार्य नहीं है. यह कुल मिलाकर अच्छा नहीं हुआ.’’

दिल्ली कैपिटल्स को अंतिम ओवर में 36 रन चाहिए थे. पॉवेल ने मैकॉय की पहली तीन गेंदों पर छक्के जड़ दिये थे. इस तरह से दिल्ली को अंतिम तीन गेंदों पर 18 रन चाहिए थे, लेकिन 15 मिनट की देरी से उनकी लय गड़बड़ा गयी और अगली तीन गेंदों पर केवल दो रन बने.

वाटसन (Shane Watson) से पूछा गया कि क्या देरी के कारण लय गड़बड़ायी, उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह से खेल का समापन हुआ उसे देखकर ऐसा लगता है. जब भी खेल में रुकावट आती है तो लय बिगड़ सकती है. इससे ओबेद मैकॉय को अपनी लय हासिल करने का मौका मिला. आखिर में वह रुकावट राजस्थान के लिये अच्छी साबित हुई. यह दुर्भाग्यपूर्ण रुकावट थी.’’

पंत गुस्से में दिखे. उन्होंने कुलदीप और पॉवेल को वापस बुला लिया, इस बीच वाटसन उन्हें समझाने की कोशिश करते दिखे. वाटसन ने कहा, ‘‘आखिर में आपको अंपायरों का फैसला सही हो या गलत, उसे स्वीकार करना होगा और खेल के साथ आगे बढ़ना होगा. मैं यही बात कर रहा था. हमें शुरू से सिखाया जाता है कि आपको अंपायरों के फैसले को स्वीकार करना होगा और हमें यही करना चाहिए था.’’

trending this week