Dilip Vengsarkar believes restricting Mohammed Shami’s over in Ranji Trophy to manage work load is absurd
Mohammad Shami (File Photo) © PTI

भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच छह दिसंबर से शुरू हो रही चार मैचों की टेस्‍ट सीरीज में अभी भी दो सप्‍ताह का वक्‍त बचा है। शमी टेस्‍ट टीम का हिस्‍सा हैं, लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 में उन्‍हें जगह नहीं दी गई है। ऐसे में वो मौजूदा समय में भारत के घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी 2018-19 में बंगाल की टीम की तरफ से खेल रहे हैं।

मोस्‍ट अवेटिड टेस्‍ट सीरीज से पहले बड़े खिलाड़ियों पर वर्क लोड को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट काफी चिंतित है। ऐसे में मंगलवार से शुरू हुए रणजी ट्रॉफी के तीसरे राउंड के मैच से पहले बीसीसीआई ने मोहम्‍मद शमी को ये सलाह दी है कि वो एक पारी में 15 ओवर से ज्‍यादा गेंदबाजी न करें। शमी बंगाल और केरल के बीच मैच का हिस्‍सा हैं।

भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान दिलीप वेंगसरकर का मानना है कि बीसीसीआई का शमी की गेंदबाजी के ओवर सीमित करने का निर्णय बेतुका है। टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान उन्‍होंने कहा, “मान लीजिए मैं बंगाल की टीम का कप्‍तान हूं और मोहम्‍मद शमी ने अपने दूसरे स्‍पेल में दो विकेट निकाल लिए हैं। ऐसे में मैं चाहूंगा कि वो आगे भी गेंदबाजी करता रहे ताकि विरोधी टीम के सभी बल्‍लेबाजों को आउट किया जा सके। मैं नहीं कहूंगा कि वो सिर्फ 15 ओवर ही डाले या फिर वो 15 ओवर से ज्‍यादा ओवर नहीं डाल सकता। ये बे‍तुकी बात है। मैंने इससे पहले ये कभी नहीं सुना है।”

दिलीप वेंगसरकर ने कहा, “मैच के दौरान गेंदबाजी या बल्‍लेबाजी करने और नेट्स में गेंदबाजी करने में काफी अंतर होता है। आपके अंदर सही आत्‍मविश्‍वास 22 यार्ड पर खेलने के दौरान ही आता है जो आप नेट्स में नहीं पा सकते हो। अगर आपने अच्‍छा प्रदर्शन किया है और आपके द्वारा बनाए गए रन और लिए गए विकेट इस बात की गवाही दे रहे हैं तो अपने आप ही आपके अंदर आत्‍मविश्‍वास आ जाएगा। ये आत्‍मविश्‍वास नेट्स में 10 ओवर गेंदबाजी से नहीं आ सकता।”

दिलीप वेंगसरकर का कहना है टीम के खिलाड़ी ऑस्‍ट्रेलिया में है। अन्‍य बड़े खिलाड़ियों को न्‍यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलने के लिए इंडिया ए की टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में हमारे सबसे अच्‍छे घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी का मजाक बनाया जा रहा है।