इंडिया रेड के कप्तान युवराज सिंह ने भी बल्ले से निराश किया © AFP
इंडिया रेड के कप्तान युवराज सिंह ने भी बल्ले से निराश किया © AFP

गुलाबी गेंद से खेले जा रहे दिलीप ट्रॉफी के पहले मुकाबले में पहले दिन गेंदबाजों का बोलबाला रहा। इंडिया रेड और इंडिया ग्रीन के बीच खेले गए इस मुकाबले में इंडिया रेड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया, लेकिन गुलाबी गेंद का सामना करने में इंडिया रेड को दिक्कत का सामना करने पड़ा और पहली पारी में मात्र 161 रनों पर सिमट गई। इंडिया रेड के लिए केवल अभिनव मुकुंद ही विकेट पर टिकने का दम दिखा सके। मुकुंद ने इंडिया रेड के लिए सबसे ज्यादा 77 रनों की पारी खेली।

इससे पहले आज दोपहर को भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया अध्याय लिखा गया। भारत में पहली बार कोई मुकाबला गुलाबी गेंद से खेला गया। दोपहर को टॉस इंडिया रेड के कप्तान युवराज सिंह ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया लेकिन उनका ये फैसला गलत साबित हुआ। एक समय इंडिया रेड 60 रनों पर 6 विकेट गंवाकर बहुत ही मुश्लिक परिस्थितियों में फंस गई थी। खुद कप्तान युवराज सिंह मात्र 4 रनों के स्कोर पर पवेलियन लौटे। इसके बाद अभिनव मुकुंद ने अनुरीत सिंह के साथ मिलकर टीम को संभाला। मुकुंद और अनुरीत की पारियों का ही नतीजा था कि इंडिया रेड 161 का स्कोर बना सकी।

इंडिया ग्रीन के गेंदबाजों ने गुलाबी गेंद का फायदा उठाया और विरोधी टीम के शीर्ष क्रम को बिखेर दिया। इंडिया ग्रीन के लिए सबसे ज्यादा संदीप शर्मा ने 4 विकेट लिये। प्रज्ञान ओझा ने 3 विकेट, अंकित राजपूत ने 2 और अशोक डिंडा ने 1 विकेट चटकाए।

इंडिया ग्रीन की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही और उन्होंने सिर्फ 1 रन के स्कोर पर अपने स्टार ओपनर रॉबिन उथप्पा को गंवा दिया। खबर लिखे जाने तक इंडिया ग्रीन ने 2 ओवरों में 1 विकेट खोकर 5 रन बना लिये थे।