इंग्लैंड क्रिकेट टीम  © AFP
इंग्लैंड क्रिकेट टीम © AFP

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने टेस्ट क्रिकेट को पांच से घटाकर चार दिन का करने का फैसला किया है। द टेलीग्राफ में छपी खबर के मुताबिक ईसीबी का कहना है कि 2019 एशेज सीरीज के बाद होने वाले टेस्ट मैच वह चार दिन के फॉर्मेट में खेलना चाहेगा। बोर्ड का कहना है कि इससे खिलाड़ियों को आराम भी मिलेगा और सभी देश अपनी घरेलू टी20 लीग भी सही से आयोजित कर पाएंगे। ईसीबी ने फैसला किया है कि वह अक्टूबर में न्यूजीलैंड में होने वाली आईसीसी बैठक में इस मुद्दे को पूरी मजबूती के साथ रखेंगे। बता दें कि आईसीसी की इस बैठक का लक्ष्य टेस्ट क्रिकेट का भविष्य तय करना और 2020 में टेस्ट चैंपियंनशिप आयोजित करना है।

ईसीबी ने पहले से ही चार दिवसीय टेस्ट क्रिकेट के आयोजन का लेखा-जोखा तैयार कर लिया है। उनके मुताबिक चार दिवसीय टेस्ट मैच पांच दिवसीय मैच से मुकाबले आधे घंटे पहले शुरू होंगे ताकि टीमों को अतिरिक्त ओवर डालने का समय मिले। साथ ही मैदानों में प्लड लाइट्स का पूरा इंतजाम होगा जिससे कि जरूरत के समय शाम को कुछ और अतिरिक्त ओवर डाले जा सकें। ईसीबी का कहना है कि चार दिवसीय टेस्ट मैच गुरुवार को आयोजित किए जाएंगे जिससे उन्हें ज्यादा दर्शक मिलेंगे। इस बारे में ईसीबी के के चेयरमैन टॉम हैरिसन का कहना है कि, “हर टेस्ट मैच गुरुवार को शुरू होगा, गुरुवार-शुक्रवार काम के दिन होते हैं और शनिवार-रविवार छुट्टी रहती है। पांचवां दिन ना होने पर आप काफी पैसा बचा सकेंगे, मैं इसके साथ जाना चाहूंगा।” [ये भी पढ़ें: इंदौर वनडे, लाइव ब्लॉग: ऑस्ट्रेलिया 200 के पार, स्मिथ का अर्धशतक]

बता दें कि भारत को अगले साल इंग्लैंड का दौरा करना है जहां वनडे, टी20 के साथ टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। गौरतलब है कि पहले टेस्ट फॉर्मेट चार दिन में खेले जाते थे लेकिन 1973 के बाद इसे बदलकर पांच दिन का कर दिया गया। 1973 में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड ने आखिरी बार चार दिवसीय टेस्ट मैच सीरीज खेली थी।