कोरोना वायरस की वजह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर लगा ब्रेक युवा खिलाड़ियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसा कहना है टीम इंडिया के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच रह चुके पैडी अपटन (Paddy Upton) का। पूर्व दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी अपटन क्रिकेट जगत में मानसिक कंडीशनिंग कोच के रूप में काफी काम कर चुके हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में अपटन ने कहा, “जो खिलाड़ी अपने करियर के शुरुआती स्टेज पर हैं और जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा है, वो स्वाभाविक तौर पर इस ब्रेक से परेशान हो सकते हैं।”

भारत में युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का सर्वश्रेष्ठ विकल्प है- इंडियन प्रीमियर लीग। लेकिन इस महामारी की वजह से ये टूर्नामेंट 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है, वहीं इसे रद्द किए जाने की खबरें भी सामने आ रही हैं। करियर को आगे बढ़ाने के साथ ही आईपीएल जैसा बड़ा टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए आर्थिक तौर पर भी मददगार साबित होता है लेकिन इस टूर्नामेंट के आयोजित ना होने की वजह से होने वाले आर्थिक नुकसान का प्रभाव खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति पर भी पड़ सकता है।

इस बारे में अपटन ने कहा, “स्वाभाविक तौर पर आईपीएल कई खिलाड़ियों के सालाना कैलेंडर का अहम हिस्सा। लोगों को एंजाइटी और डिप्रेशन तब होता है जब वो ज्यादा समय, एक तो खुद पर और दूसरा अपनी जिंदगी में आ रही परेशानियों के बारे में सोचने में बिताते हैं। मैं ना केवल एथलीट्स बल्कि हर किसी को सावधान करना चाहूंगा, कि वो इस खतरे के बचने के लिए जागरुकता का इस्तेमाल करें।”

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “इससे उबरने का तरीका है- दूसरों पर ध्यान दें, उनका ख्याल रखें और साथ ही साथ इस अतिरिक्त समय की वजह से जो मौके मिल रहे हैं उनका फायदा उठाएं।”

राजस्थान रॉयल्स के कोच रह चुके अपटन से इस साल आईपीएल के आयोजित होने को लेकर नकी राय पूछी गई तो उन्होंने कहा, “इस बारे में कोई जानकारी नहीं हैं कि आईपीएल होगा या नहीं, फिलहाल भविष्य अनिश्चित है। कुछ लोग महीनों तक के लॉकडाउन की भविष्यवाणी कर रहे हैं और कुछ लोग कह रहे हैं कि ये सामान्य फ्लू से अलग नहीं है। ये तो समय और जांच के बाद चलेगा कि खेल दोबारा कब शुरू किया जा सकेगा।”