भारत के नॉटिंघम में खेला जा रहा पहला टेस्ट बारिश की वजह से रद्द होने के बाद इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने माना कि अगर बारिश ने खलल नहीं डाला होता तो आखिरी दिन का खेल बेहद रोमांचक होता।

रूट ने कहा, ‘‘खेलने और देखने के लिहाज से शानदार टेस्ट मैच। सीरीज की शानदार शुरुआत और उम्मीद करते हैं कि अगले मैचों में भी यही देखने को मिलेगा। हमें निश्चित तौर पर विश्वास था कि हम जीत सकते हैं। हमें पता था कि अगर हम कैच पकड़े और फील्डिंग में फुर्ती दिखाएं तो हमारे पास मौका होता।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘ये शर्मनाक है कि मैच का अंत इस तरह हुआ। निश्चित तौर पर कुछ विभाग हैं जहां हम बेहतर करना चाहते हैं। हम शीर्ष क्रम में बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं और कैच लपकना चाहते हैं।’’

मैच की दूसरी पारी में शतक जड़ने वाले रूट को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला। इंग्लैंड के कप्तान का कहना है कि श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से उन्हें लय में वापस आने में मदद मिली। जिसके बाद उन्होंने भारत के खिलाफ नॉटिंघम टेस्ट में शानदार शतक जड़ा।

हमें पता था कि हमारे पास जीत का मौका है : विराट कोहली

पिछली पांच टेस्ट पारियों में 50 का आंकड़ा भी नहीं पार कर सके रूट ने भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में क्रमश 64 और 109 रनों की पारियां खेली। कप्तान के 21वें टेस्ट शतक के दम पर इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 303 रन का स्कोर बनाकर भारत के सामने 208 रन का लक्ष्य रखा।

रूट ने कहा, “बड़ा स्कोर बनाकर काफी अच्छा लग रहा है और टीम को जीत की स्थिति में लाकर खड़ा करना अच्छा है। मुझे श्रीलंका में सीमित ओवर फॉर्मेट क्रिकेट खेलने का थोड़ा फायदा मिला। इस मैच में आने से पहले थोड़ा रेड बॉल क्रिकेट खेलना अच्छा रहता लेकिन मेरे नजरिए से 50 ओवर का क्रिकेट खेलने से मेरी बल्लेबाजी लय में लौट आई।”

रूट ने कहा कि वो वनडे क्रिकेट खेलने के लिए अपनी बल्लेबाजी में किए बदलावों का फायदा यहां उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, “न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट के बाद मैंने कुछ चीजें बदली। मैं पहले के मुकाबले ज्यादा सीधा खड़ा हो रहा हूं, अपना बल्ला थोड़ा पहले उठा रहा हूं, मुझे लगता है कि मेरे हाथों में लय वापस आ रही है। मुझे लगता है कि 50 ओवर क्रिकेट रेड बॉल क्रिकेट के लिए मददगार साबित हो सकता है।”