भारतीय फैंस जब 1983 विश्व कप में मिली खिताबी जीत तो याद करते हैं तो उनकी आंखो के सामने शॉर्ट मिड विकेट से पीछे भागते हुए विंडीज दिग्गज विवियन रिचर्ड्स (Vivian Richards) का कैच लेने वाले कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) आते हैं।

वैसे ही जब 2011 में मिली विश्व कप जीत को याद किया जाता है तो नुवान कुलसेकरा की गेंद पर छक्का लगाते हुए महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का चेहरा सामने आता है। लेकिन शायद पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) को जीत को किसी एक शॉट या एक कैच से जोड़कर देखना पसंद नहीं है।

क्रिकेट फैंस आज, नौ साल पहले 2 अप्रैल 2011 को श्रीलंका के खिलाफ मिली विश्व कप जीत का जश्न सोशल मीडिया पर बना रहे हैं। ऐसे में एक स्पोर्ट्स वेबसाइट ने भी तत्कालीन कप्तान धोनी की तस्वीर पोस्ट कर इस जश्न में हिस्सा लिया लेकिन गंभीर को ये बात पसंद नहीं आई।

क्रिकेटर से राजनेता बने गंभीर ने उस ट्वीट के जवाब में लिखा, “आपको बता दूं कि विश्व कप 2011 पूरे देश, पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ के समर्थन से जीता गया था। अब समय आ गया है कि आप एक सिक्स के प्रति अपने लगाव से उबर जाएं।”

इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि फैंस को पूर्व सलामी बल्लेबाज का ये ट्वीट रास नहीं आया। भारतीय क्रिकेट फैंस ने इस कड़वे ट्वीट के लिए गंभीर को जमकर ट्रोल किया।

गंभीर ने श्रीलंका के खिलाफ मैच में सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और वीरेंदर सहवाग (Virender Sehwag) के सस्ते में आउट होने के बाद विराट कोहली (Virat Kohli) के साथ मिलकर भारतीय पारी की नींव रखी थी। उन्होंने 122 गेंदो पर 79.51 की स्ट्राइक रेट से 97 रन की शानदार पारी खेली थी लेकिन शतक पूरा करने से पहले वो बोल्ड हो गए। गंभीर और धोनी की 109 रन की साझेदारी ने टीम इंडिया को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।

गंभीर जब आउट हुए थे तो भारत ने चार विकेट खोकर 223 रन बना लिए थे और जीत साफ दिखाई दे रही थी लेकिन उसे अंजाम तक ले जाने का काम कैप्टन कूल ने किया।

फाइनल मैच में धोनी ने 79 गेंदो पर 91 रन की नाबाद पारी खेली थी। जबकि गंभीर ने कप्तान से ज्यादा रन बनाए थे लेकिन मैन ऑफ द मैच का खिताब धोनी को मिला। फैंस ने गंभीर का ये कहकर मजाक उड़ाया कि वो मैन ऑफ द मैच ना मिलने की वजह से नाराज हैं।