How Sachin Tendulkar Was Denied ‘Youngest’ Test Century By Danny Morrison
Sachin Tendulkar (File Image)

न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज और वर्तमान में कमेंटेटर की भूमिका निभा रहे डैनी मॉरिसन (Danny Morrison) का कहना है कि दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) अपने शुरुआती दिनों से ही बेहद प्रतिभाशाली दिखते थे।

मॉरिसन ने एज एंड स्लजेड पोडकाड पर कहा, ‘केन रदरफोर्ड ने भारत के खिलाफ अध्यक्ष एकादश (टीमों) में से एक की कप्तानी की और सचिन उस दौरे पर खेले थे। मुझे याद है कि रदरफोर्ड ने टीम बैठक में चर्चा करते हुए था, इस खिलाड़ी के पास बहुत समय है और वह बहुत ही प्रतिभाशाली दिखते हैं। मुझे लगता है कि एक तरह से यह हास्यास्पद था क्योंकि वह उस लड़के की तरह थे जो स्कूल के पहले वर्ष में होते हैं। वह 17 वर्ष के थे।’

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इस मशहूर कमेंटेटर ने कहा, ‘मेरा मतलब है कि यह डराने वाला था, क्योंकि हम सभी के लिए यह पहला टेस्ट मैच और पहली सीरीज थी। मुझे लगता है कि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच खेला था। वास्तव में यह उनकी पहली पूर्ण सीरीज थी और वह भी हेडली के खिलाफ थी, जोकि अपने करियर के ढलान पर थे, लेकिन एक बेहतरीन गेंदबाज थे।’

तेंदुलकर ने उस मैच में 88 रनों की पारी खेली थी और वह सबसे कम उम्र में टेस्ट शतक बनाने वाले बल्लेबाज बनने के कगार पर थे और साथ ही मुश्ताक मोहम्मद के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब थे, जिन्होंने 17 साल और 78 दिन की उम्र में 1961 में भारत के खिलाफ 101 रन बनाया था।

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मॉरिसन ने कहा, ‘जब मैं उन्हें देखता हूं और याद करता हूं, तो हां, मुझे उनके एक या दो शॉट याद हैं। मुझे याद है कि उन्होंने नेपियर में 88 रन बनाए थे और वह ज्यादा जल्दी में थे! मुझे लगता है कि उन्होंने इस एक ओवर में मुझे तीन चौके मारे थे और आप देख सकते हैं कि वह चलते रहना चाहते थे। वह मिड ऑफ पर मुझे शॉट मारने के प्रयास में जॉन राइट के हाथों आउट हुए थे।’

सचिन के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक है।