Ian Chappell: India must overcome batting vulnerabilities ahead of Australia tour
Ian Chappell © AFP

इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज में 1-4 से मिली हार के बाद भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम पर कई सवाल उठ रहे हैं। टेस्ट सीरीज में जहां भारत की गेंदबाजी शानदार रही, वहीं बल्लेबाजों, खासकर कि टॉप ऑर्डर ने निराश किया। भारतीय टीम का अगला बड़ा दौरा ऑस्ट्रेलिया का है। जहां जाने से पहले टीम इंडिया को अपनी बल्लेबाजी को सुधारना होगा। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल का भी यही मानना है।

चैपल ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो.काम’ के लिए लिखे कॉलम में कहा, ‘‘भारतीय टीम अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में अपनी प्रतिष्ठा में सुधार करने उतरेगी लेकिन पहले बल्लेबाजी की कमजोरियों पर ध्यान देना होगा। बैन की वजह से दो सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज स्टीवन स्मिथ और डेविड वार्नर के बाहर होने की वजह से ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी पर सवाल उठाए जा सकते हैं लेकिन उनका गेंदबाजी आक्रमण बेहद मजबूत है।’’

भारत को तीन टी20 अंतराष्ट्रीय, तीन वनडे और चार टेस्ट मैचों के लिए 21 नवंबर से 18 जनवरी के बीच ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है। चैपल ने कहा, ‘‘अगर मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, पैट्रिक कमिंस और नाथन लॉयन फिट रहते हैं तो भारतीय बल्लेबाजों के लिए समय चुनौतीपूर्ण होगा। इंग्लैंड में हवा में और सीम से मिल रही मूवमेंट से विराट कोहली के अलावा अन्य बल्लेबाजों के लिए नियमित रूप से परेशानी खड़ी हुई लेकिन ऑस्ट्रेलिया में अतिरिक्त उछाल परेशानी पैदा करेगा।’’

ऑस्ट्रेलिया में कमाल करेंगे रोहित शर्मा

भारत को 2014-15 के अपने पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चार टेस्ट की सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था।
चैपल ने कहा, ‘‘आत्मविश्वास से भरा और अच्छी फार्म में चल रहा रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए आदर्श खिलाड़ी होगा। उसके शॉट अतिरिक्त उछाल से निपटने के लिए सही हैं लेकिन ये दुख की बात है कि वो कभी टेस्ट क्रिकेट में उम्मीद के मुताबिक बल्लेबाजी नहीं कर पाया। दौरे के लिए उसे चुनना जुंआ होगा।’’

चैपल ने इंग्लैंड के दौरे पर टेस्ट सीरीज 1-4 से हारने को मौका गंवाना बताया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 1-4 से सीरीज हारने को मौका गंवाने के रूप में देखना चाहिए। लार्ड्स में करारी हार के अलावा वो सीरीज में काफी प्रतिस्पर्धी रहे लेकिन टीम में सिर्फ प्रतिस्पर्धा पेश करने से कहीं बेहतर करने की क्षमता है।’’

(पीटीआई के इनपुट के साथ)