एम एस धोनी
एम एस धोनी

चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में भारत और बांग्लादेश के मैच के दौरान एक ऐसी घटना घटी जो आमतौर पर क्रिकेट के मैदान पर बेहद कम ही देखी जाती है। बांग्लादेश के खिलाफ टीम इंडिया पर 5 रनों की पेनल्टी लगी और इसकी वजह थे विकेटकीपर एम एस धोनी। दरअसल एम एस धोनी ने थ्रो फेंका और गेंद मैदान पर पड़े उनके कीपिंग ग्लव्स को छू गई जिसके चलते टीम इंडिया पर 5 रनों की पेनल्टी लग गई।

अश्विन के ओवर में गए 5 पेनल्टी रन

बांग्लादेश की पारी के 40वें ओवर में रविचन्द्रन अश्विन की तीसरी गेंद को महमदुल्लाह ने लॉन्ग लेग की तरफ स्वीप कर 1 रन लिया। रन के दौरान युवराज ने थ्रो किया और गेंद को लपकते हुए धोनी का एक ग्लव्स मैदान पर गिर गया। धोनी ने जब गेंद को वापस स्टंप पर मारने की कोशिश की तो वो उनके ग्लव्स में जाकर लगी। इसी वजह से बांग्लादेश को 5 पेनल्टी रन मिल गए। आईसीसी के नियमों के मुताबिक अगर खिलाड़ी ने हेलमेट, ग्लव्स , टोपी या पैड नहीं पहने हैं और मैदान में गेंद जाकर उनसे लगती है, तो फिर बल्लेबाजी करने वाली टीम को 5 पेनल्टी रन मिलते हैं।

पेनल्टी रनों की दूसरी वजहें

अगर कोई फील्डर बिना अंपायर की इजाजत के मैदान पर आकर गेंद को छूता है तो भी विरोधी टीम को पेनल्टी रन मिलते हैं। इसके अलावा अगर अंपायर को लगता है कि फील्डिंग करने वाली टीम ने जानबूझकर गेंद को खराब किया है। फील्डिंग करने वाली टीम जान-बूझकर बल्लेबाज का ध्यान भटकाती है। इस मामले में फील्डर को चेतावनी के साथ-साथ विरोधी टीम को पेनल्टी रन दिए जाते हैं। ये भी पढ़ें-चैंपियंस ट्रॉफी: सेमीफाइनल में टीम इंडिया की शानदार गेंदबाजी, बांग्लादेश को 264 रनों पर रोका

अगर फील्डिंग करने वाली टीम जानबूझकर पिच को खराब करती है, चेतावनी के बावजूद बल्लेबाज जानबूझकर समय खराब करते हैं, दो वॉर्निंग के बाद भी बल्लेबाज पिच को नुकसान पहुंचाते हैं और अगर दूसरे छोर का बल्लेबाज किसी फील्डर का ध्यान भंग करता है, खासकर जब वो कैच ले रहे हों तो भी पेनल्टी रनों का प्रावधान है।