मेगन शुट और जेस जोनासन की शानदार गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न में घरेलू दर्शकों के सामने भारत को 85 रन से हराकर पांचवां टी20 विश्व कप खिताब जीता। आईसीसी टी20 विश्व कप फाइनल मैच में कंगारू गेंदबाजो ने भारत को 99 रन पर ऑलआउट किया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से शुट ने सर्वाधिक चार विकेट लिए, जबकि जोनासन के हाथ तीन बड़ी सफलताएं लगीं।

185 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पर कंगारू गेंदबाजों ने पहले ही ओवर में दबाव बनाया। टूर्नामेंट में अब तक भारत की सबसे सफल बल्लेबाजी रही शेफाली वर्मा पहले ओवर में मेगन शुट की की तीसरी गेंद पर हेली से हाथों कैच आउट होकर पवेलियन लौटी। 16 साल की शेफाली का विकेट गिरने के बाद स्टेडियम में बैठे भारतीय फैंस खामोश हो गए।

कनकनश की वजह से रिटायर हर्ट हुईं तानिया भाटिया

शेफाली के आउट होने के बाद स्मृति मंधाना के साथ तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी विकेटकीपर तान्या भाटिया 2 रन के स्कोर पर रिटायर हर्ट हो गई। पारी के दूसरे ओवर में जोनासन की गेंद भाटिया के हेलमेट के पीछे और कान के बेहद करीब लगी, जिस वजह से भारतीय फीजियो फौरन मैदान पर आईं। शुरुआती जांच के बाद भाटिया को कनकशन टेस्ट के लिए मैदान से बाहर ले जाना का फैसला किया गया।

मात्र 2 रन के स्कोर पर पहला विकेट गिरने के बाद ऑस्ट्रेलिया को दूसरे विकेट के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। दूसरे ओवर की आखिरी गेंद पर जेमिमा रॉड्रिग्स जोनासन के खिलाफ बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में मिड ऑन पर निकोला कैरी के हाथो कैच आउट हुईं।

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पूरे टूर्नामेंट में खामोश मंधाना भी फाइनल मैच में बड़ी पारी नहीं खेल पाईं और 8 गेंदो पर 11 रन बनाकर चौथे ओवर में सोफी मोलिनक्स का शिकार बनीं। हालांकि ऑस्ट्रेलिया को सबसे बड़ी सफलता जोनासन ने दिलाई।

18 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी करने आईं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी दबाव में आकर बड़े शॉट खेलने की कोशिश शुरू कर दी। छठें ओवर की चौथी गेंद पर ऐसे ही शॉट पर हरमन एश्ले गार्डनर को डीप मिड विकेट पर आसान का कैच थमा बैठी। भारतीय कप्तान के पवेलियन लौटने के बाद ऑस्ट्रेलियाई फैंस के बीच खुशी की लहर दौड़ गई।

30 रन पर चार विकेट खोने के बाद दीप्ति शर्मा और वेदा कृष्णमूर्ति ने साझेदारी बनाने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर पांचवें ओवर के लिए 28 रन जोड़े। लेकिन इस साझेदारी के किसी बड़े स्कोर तक पहुंचने से पहले डेलिसा किममिसन ने वेदा को अपना शिकार बनाया। वेदा 24 गेंदो पर 19 रन बनाकर पवेलियन लौटी।

आईसीसी विश्व कप फाइनल की पहली कनकशन सबस्टीट्यूट बनीं 16 साल की रिचा घोष

आधी भारतीय टीम के पवेलियन लौटने के बाद भाटिया के कनकशन सबस्टीट्यूट के तौर पर 16 साल की रिचा घोष ने मैदान पर कदम रखा।

17वें ओवर में भारतीय टीम का छठां विकेट दीप्ति शर्मा के रूप में गिरा जिन्होंने 12 ओवर के भारतीय पारी का एक छोर संभाले रखा था। ओवर की पहली गेंद पर शर्मा ने कैरी के खिलाफ हवा में शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन लॉन्ग ऑन की फील्डर बेथ मूनी को चकमा नहीं दे पाईं और 35 गेंदो पर 33 रन बनाकर कैच आउट हुईं।

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सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आई शिखा पांडे 18वें ओवर में मेगन की पहली गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में कैच आउट हुईं। 19वें ओवर में राधा यादव जोनासन का तीसरा शिकार बनी और भारत ने नौवां विकेट खोया। आखिरी ओवर की पहली गेंद पर पूनम यादव का विकेट लेकर मेगन ने ऑस्ट्रेलिया को पांचवां खिताब जिताया।