पाकिस्तान टीम © Getty Images
पाकिस्तान टीम © Getty Images

आने वाले टी-20 विश्व कप में हिस्सा लेने से पहले पाकिस्तान, भारत में सुरक्षा हालात का जायजा लेने के लिए अपनी सुरक्षा टीम भारत भेजेगा। इस बात की जानकारी पाकिस्तान के एक अधिकारी ने दी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अंतरिम मामलों के मंत्री चौधरी निसार अली से विश्व कप टी-20 में टीम भेजने से पहले भारत में सुरक्षा हालात की समीक्षा करने के लिए एक सुरक्षा समिति को भारत भेजने की बात कही है। प्रधानमंत्री ने भारत में होने वाले विश्व कप में टीम भेजने के फैसले को समिति की रिपोर्ट आने तक रोके रखा है। ये भी पढ़ें: पांच ऐसे कारण जिनके बदौलत बांग्लादेश जीत सकती है अपना फाइनल मैच

बयान में कहा है, “पाकिस्तान क्रिकेट टीम को भारत भेजने का फैसला सुरक्षा समिति की रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा।” प्रधानमंत्री निवास पर हुई आंतरिक मंत्रालय और प्रधानमंत्री की बैठक में नवाज ने मंत्रालय को दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के सहयोग से भारत में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच होने वाला बहुप्रतीक्षित मुकाबला 19 मार्च को धर्मशाला में होना है। लेकिन इस मैच को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव अनुराग ठाकुर के बीच विवाद छिड़ गया था। बाद में दोनों ने बैठक कर मुद्दे को सुलझाया। ये भी पढ़ें: टीम इंडिया ने युएई के खिलाफ जीता अपना चौथा मैच, ये रहे जीत के चार कारण

वीरभद्र ने मैच के आयोजन को लेकर सुरक्षा मुहैया कराने में असमर्थता जाहिर करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भी लिखा था। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि मैच का आयोजन धर्मशाला में नहीं होना चाहिए। राज्य के परिवहन मंत्री जी.एस. बाली ने बीसीसीसीआई को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर मैच रद्द नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष शहरयार खान ने गुरुवार को इसी विवाद के चलते विश्व कप से नाम वापस लेने की बात कही थी। खान ने कहा था कि वह इस बात को लेकर चिंतित हैं कि पाकिस्तानी टीम को भारत में पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलेगी।

बीसीसीआई और केन्द्र सरकार ने हालांकि शुक्रवार को इस मैच के दौरान सुरक्षा को लेकर जारी चिंताओं के जल्द निराकरण की बात कही। राजनाथ सिंह ने कहा है कि अगर राज्य सरकार मैच में सुरक्षा मुहैया नहीं कराती है तो हम अर्धसैनिक बलों को सुरक्षा के लिए तैनात करेंगे।