हार्दिक पांड्या और मनीष पांडे © AFP, Getty Images
हार्दिक पांड्या और मनीष पांडे © AFP, Getty Images

टीम इंडिया इन दिनों विजय रथ पर सवार है। टेस्ट हो या वनडे हर फॉर्मेट में टीम इंडिया को जीत से कम कुछ नहीं मिल रहा। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी मौका मिलने पर जबर्दस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। वनडे फॉर्मेट की बात करें तो मिडिल ऑर्डर में जगह बनाने के लिए टीम इंडिया में एक तरह से लड़ाई सी चल रही है। मिडिल ऑर्डर के लिए मनीष पांडे, के एल राहुल, केदार जाधव और अब हार्दिक पांड्या भी बड़े दावेदार बन गए हैं। इसका नतीजा ये है कि टीम इंडिया के युवा खिलाड़ी टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए दबाव सा महसूस करने लग गए हैं।

बैंगलोर वनडे से पहले मनीष पांडे ने ये बात खुद मानी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गुरुवार को होने वाले चौथे वनडे से पहले कहा, ‘निश्चित तौर पर मिडिल ऑर्डर में काफी दबाव है। मैं कुछ और मैच खेलकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाना चाहूंगा। मैं प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बनाये रखने के लिये कड़ी मेहनत कर रहा हूं।’ इस महीने के शुरू में श्रीलंका में वापसी पर तीन मैचों में दो अर्धशतक जमाने वाले पांडे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो वनडे में सस्ते में आउट हो गये। इसके बाद इंदौर में तीसरे मैच में उन्होंने नाबाद 36 रन बनाये।

इस सीरीज में कर्नाटक के उनके साथी केएल राहुल को अभी तक मौका नहीं मिला है और पांडे को पता है कि उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वो चेन्नई और कोलकाता में चौथे नंबर पर उतरे थे जिसके बाद इंदौर में हार्दिक पंड्या को इस स्थान पर उतारा गया जिसमें वो सफल रहे थे। पांड्या को चौथे नंबर पर उतारने के फैसले पर मनीष पांडे ने कहा, ‘पांड्या को चौथे नंबर पर उतारना टीम मैनेजमेंट का प्लान था, टीम जो भी प्लान बनाएगी मैं उससे खुश हूं।’ कैमरे के सामने आक्रामक होने की एक्टिंग करते हैं विराट कोहली!

पांडे इंदौर में खेले गए मैच में छठे नंबर पर उतरे थे। पांडे ने कहा, ‘जब आप तीसरे, चौथे या छठे नंबर पर खेलते हो तो ये पूरी तरह से अलग होता है। ये मानसिकता से जुड़ा है। ये आक्रामकता से जुड़ा है। मैं विकेट पर कुछ समय गुजारना चाहूंगा ताकि मैं क्रीज पर सहज महसूस कर सकूं।’