भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान एसजी टेस्ट गेंद के प्रदर्शन से प्रभावित नहीं दिखे। अश्विन का कहना है कि उन्होंने ऐसा पहली बार देखा जब मात्र 40 ओवर के अंदर एसजी गेंद की सीम के टांके खुल गए और ये नरम हो गई। हालांकि भारतीय गेंदबाज को आशंका है कि इसके बीच चेपॉक स्टेडियम की पिच का भी हाथ है।

अश्विन ने कहा, ‘‘गेंद सुंदर है लेकिन हमारे लिए कुछ अजीब था। मैने कभी एसजी गेंद को सीम से इस तरह खराब होते नहीं देखा। शायद पहले दो दिन पिच कठोर होने से ऐसा हुआ। लेकिन दूसरी पारी में भी 35-40 ओवर के बाद ये देखने को मिला।’’

खबरों के मुताबि मेरठ की सांसपारेल्स ग्रीनलैंड्स (एसजी) ने भारत-इंग्लैंड सीरीज के लिए नई गेंद बनाई है जो पुरानी गेंदो के मुकाबले गहरे रंग की है। जिससे सीम अधिक मिलेगा लेकिन गेंदबाजों को गेंद की गुणवत्ता में कमी लगी।

एमए चिदंबरम स्टेडियम की ये पिच गेंदबाजों के लिए खासी मददगार नहीं साबित हुई लेकिन अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में नौ विकेट ले लिए हैं जिसमें से छह विकेट दूसरी पारी में लिए। इस दौरान अश्विन कमर दर्द से भी जूझ रहे थे लेकिन इसके बावजूद उन्होंने लंबे स्पेल डाले।

इस बारे में उन्होंने कहा, ‘‘लोग काफी रोचक विश्लेषण करते हैं कि क्या होगा और क्या नहीं लेकिन एक क्रिकेटर के जेहन में ये बात सबसे आखिरी होती है। रोज 40 से 45 ओवर डालना और फिर नेट्स पर जाना मेरी क्रिकेट दिनचर्या का हिस्सा है। गेंदबाजी में मुझे इतनी खुशी मिलती है कि कई बार शरीर साथ नहीं देता तो भी मैं गेंदबाजी करता रहता हूं। मुझे इससे इतना प्यार है।’’