मोहम्मद सिराज © PTI
मोहम्मद सिराज © PTI

125 करोड़ के इस देश में अगर भारतीय क्रिकेट टीम में कोई चुना जाता है तो वो बेहद ही खास होता है। और अगर वो खिलाड़ी एक गरीब परिवार से हो, जिसके पिता ऑटो चलाते हों तो इससे बड़ी बात कुछ और नहीं हो सकती है। हैदराबाद के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने आखिरकार ये कारनामा कर दिखाया। न्यूजीलैंड के खिलाफ मोहम्मद सिराज ने डेब्यू किया, जो उनके लिए किसी सपने से कम नहीं।

मोहम्मद सिराज को क्रिकेट फैंस तब जाने जब आईपीएल नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने दो करोड़ 60 लाख रूपये में उन्हें खरीदा। आईपीएल में सिराज ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया इसके बाद उन्होंने रणजी ट्रॉफी में सभी को प्रभावित किया और आखिरकार उन्हें टीम इंडिया में जगह मिल गई। सिराज के पिता मोहम्मद गौस एक ऑटो चालक थे लेकिन उन्होंने इसके बावजूद अपने बेटे के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा किया।

मोहम्मद सिराज को भले ही आईपीएल से पहचान मिली लेकिन उनका मानना है कि हैदराबाद की तरफ से 2016-17 सत्र के दौरान रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण उन्हें सफलताएं मिली हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज जो कुछ भी हूं वह रणजी ट्रॉफी प्रदर्शन के कारण हूं। पिछले सत्र में मैंने 40 के करीब विकेट लिए जिससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। इसके बाद मुझे शेष भारत टीम में चुना गया और रणजी ट्रॉफी के कारण मुझे आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट मिला। इसलिए इस चयन का 60 प्रतिशत श्रेय प्रथम श्रेणी क्रिकेट के प्रदर्शन को जाता है।’’ सिराज ने कहा कि भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण पिछले साल जब हैदराबाद टीम के साथ थे तब उन्होंने कई अहम टिप्स दिए थे।

 

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उन्होंने कहा, ‘‘मैं बयां नहीं कर सकता कि मैं भरत अरूण सर का कितना ऋणी हूं। वह बेहतरीन कोच हैं। पिछले साल वह हैदराबाद टीम के साथ थे और पहली बार मैने गेंदबाजी से जुड़ी शीर्ष स्तर की तमाम चीजें सीखी। उन्होंने मुझे तमाम वैरीएशन के बारे में बताया। इससे मुझे आईपीएल में भी मदद मिली।’’’